karachi bakery
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। पुलवामा हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा इस कदर बढ़ गया है कि अब लोग उससे जुड़े नाम भी भारत की धरती पर नहीं देखना चाहते। शुक्रवार को बेंगलूरु की मशहूर ‘कराची बेकरी’ भी लोगों के निशाने पर आ गई। इसके नाम के साथ ‘कराची’ जुड़ा होने से इसे विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद बेकरी प्रबंधन की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया कि वे भारतीय हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि बेकरी के नाम से ‘कराची’ शब्द हटा देना चाहिए, क्योंकि हमारे देश की धरती पर दुश्मन मुल्क के शहर का नाम नहीं होना चाहिए। विवाद बढ़ता देख बेकरी के साइनबोर्ड पर दर्ज ‘कराची’ शब्द ढक दिया गया है। इसके ऊपर तिरंगा झंडा लगाया गया है। ये प्रदर्शनकारी किस संगठन से थे, अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन बेकरी के नाम पर विवाद होने से यह मामला सोशल मीडिया की सुर्खियों में आ गया। यहां भी कई यूजर्स ने इस नाम पर आपत्ति जताई।

जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शनकारियों ने बेकरी की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। वहीं बेकरी के मैनेजर ने बताया कि कराची ​मात्र एक ब्रांड का नाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। मैनेजर ने बताया कि हम भारतीय हैं और हिंदू हैं। इस संबंध में पुलिस में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बेकरी प्रबंधन ने एक ट्वीट कर बताया कि इसकी स्थापना 1953 में खानचंद रमनानी ने की थी। विभाजन के दौरान वे पाकिस्तान से भारत आए थे। यह पूरी तरह से एक भारतीय कंपनी है।

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