बूढ़े पिता की मौत पर भी नहीं आया बेटा तो बहू ने दिया अर्थी को कंधा, किया अंतिम संस्कार

0
Neetu Arora Karnal Viral Photo
Neetu Arora Karnal Viral Photo

हरियाणा के करनाल में एक बेटे ने जब अपने बसे-बसाए परिवार को उजाड़कर किसी और के साथ गृहस्थी जमा ली तो उसकी पत्नी ने वो सभी जिम्मेदारियां निभाईं जो बेटे को निभानी चाहिए थीं।

करनाल। अक्सर लोग सिर्फ बेटों की ख्वाहिश इसलिए भी करते हैं, क्योंकि वे उन्हें बुढ़ापे का सहारा मानते हैं और मोक्ष से जोड़कर भी देखते हैं। क्या हो, अगर बेटा इन दोनों उम्मीदों पर ही खरा न उतरे? क्या बेटी या बहू उससे कमतर हैं? बेटियों द्वारा अपने बुजुर्ग मां-बाप की सेवा और अंतिम क्रियाओं के बारे में तो आपने पढ़ा ही होगा, अब एक बहू के बारे में भी पढ़ लीजिए।

हरियाणा के करनाल में एक बेटे ने जब अपने बसे-बसाए परिवार को उजाड़कर किसी और के साथ गृहस्थी जमा ली तो उसकी पत्नी ने वो सभी जिम्मेदारियां निभाईं जो बेटे को निभानी चाहिए थीं। यहीं नहीं, जब उसके ससुर का देहांत हो गया तो बेटा नहीं आया। आखिरकार वह खुद आगे आई। उसने अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी रस्में पूरी कराईं। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग इस हिम्मती बहू की तारीफ कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, करनाल के न्यू चार चमन निवासी मंगतराम का देहांत हो गया। इसके बाद उनकी बहू नीतू अरोड़ा ने सभी रस्मे निभाईं। मंगतराम का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। नीतू पिछले दस साल से उनकी सेवा कर रही थीं। यह भी सामने आया है कि नीतू के पति यानी मंगतराम के बेटे हर्षदीप ने उनसे किनारा कर लिया है। अब वह किसी और के साथ रहने लगा है।

नीतू की दो बे​टियां भी हैं, लेकिन हर्षदीप ने पूरे परिवार से नाता तोड़ लिया। इन मुश्किल हालात में भी नीतू ने हार नहीं मानी। वे अपने ससुर की सेवा करती रहीं और उनकी आखिरी सांस तक अकेला नहीं छोड़ा। लंबी बीमारी के बाद मंगतराम का देहांत हो गया तो उन्होंने अर्थी को कंधा दिया। आंखों में आंसू लेकिन मजबूत कलेजा करके उन्होंने ससुर का अंतिम संस्कार किया। यह तस्वीर बताती है कि बहू भी बेटी होती हैं और वे किसी मायने में बेटों से कम नहीं होतीं।

जरूर पढ़ें:
– इस हिंदू नेता की जीत को इमरान भी नहीं रोक पाए, कट्टरपंथियों को दी करारी शिकस्त
– जब कश्मीर मांगने आए मुशर्रफ की अब्दुल कलाम ने लगा दी क्लास! जानिए फिर क्या हुआ
– यह ख़बर पढ़ने के बाद कर लेंगे गोलगप्पे खाने से तौबा, इस शहर में लग गई रोक

LEAVE A REPLY