indian army in kashmir
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पुलवामा/दक्षिण भारत। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले का साजिशकर्ता अब्दुल राशिद गाजी सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में मारा गया। 14 फरवरी की घटना के बाद उसे तलाशने के लिए सुरक्षाबलों ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया और अंजाम तक पहुंचा ही दिया। गाजी के अलावा जैश-ए-मोहम्मद का एक और आतंकी कामरान भी मारा गया। पुलवामा हमले में ये दोनों आतंकी लिप्त थे। दोनों जैश के टॉप कमांडर थे। गाजी ने ही आतंकी आदिल अहमद डार को फिदायीन हमले का प्रशिक्षण दिया था। गाजी 2008 में जैश-ए-मोहम्मद में भर्ती हुआ था। उसने तालिबान से आतंकवाद का प्रशिक्षण लिया। वह पीओके में भी युवाओं को आतंकवादी बनाने की गति​विधियों में शामिल रहा था। गाजी ने खूंखार आतंकियों से आईईडी धमाके करने सीखे और आतंकी संगठन में उसे इसका विशेषज्ञ माना जाता था।

यहां के पिंगलिन इलाके में रविवार देर रात को ही आतंकियों से मुठभेड़ शुरू हो गई थी। इसमें एक मेजर और तीन जवान भी शहीद हो गए। इसके अलावा एक जवान घायल हो गया। पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इसके गुनहगारों तक पहुंचने के लिए दक्षिण कश्मीर में अभियान चला दिया था, जिसके बाद साजिशकर्ता आतंकी ढेर हुए। ये आतंकी जिस इमारते में छिपे थे, सुरक्षाबलों ने उसे धमाके से उड़ा दिया। इस इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर थी। इसके बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि कोई आतंकवादी बचकर न निकल सके।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद 55 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और एसओजी ने यहां घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। खुद को सुरक्षाबलों से घिरता देख आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। शहीदों के नाम मेजर डीएस डोंडियाल, हेड कॉन्स्टेबल सेवा राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरि सिंह बताए गए हैं। एक घायल जवान अस्पताल में भर्ती है। ऐहतियात के तौर पर पुलवामा में इंटरनेट सुविधा बंद की गई है। वहीं, सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके जाने की घटना हुई।

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