गुडियात्तम/दक्षिण भारत यहां गुडियातम प्रेक्षा ध्यान पहुंचीं तेरापंथ धर्मसंघ की साध्वीश्री प्रज्ञाश्रीजी आदि ठाणा-४ ने बुधवार को अपने उद्बोधन में कहा कि योग से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री महाप्रज्ञजी ने प्रेक्षाध्यान रुपी अमृत से हमें लाभान्वित किया है। प्रेक्षाध्यान के अभ्यास से चित्त की शुद्धि होती है तथा सकारात्मक विचारधारा प्राप्त होती है। साध्वीश्री ने कहा कि योग एवं ध्यान के अभ्यास के लिए मिले इस योग केन्द्र में सभी श्रावक-श्राविकाओं को निरन्तर आकर अभ्यास करना चाहिए। साथ ही जीवन को नशा मुक्त रखने की सीख देते हुए प्रज्ञाश्रीजी ने कहा कि नशा नाश का द्वार है। नशा किसी भी प्रकार से हमारे लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा पारिवारिक कलह, सामाजिक उपद्रव एवं आर्थिक समस्याओं का कारण बनता है। साध्वीश्री ने मांसाहार के दुष्प्रभावों को विस्तार से समझाते हुए साध्वीश्री ने सभी को मांसाहार का प्रत्याख्यान (आंशिक एवं आजीवन) भी कराया।

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