आयकर विभाग
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चेन्नई/भाषा। आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि उसने तमिलनाडु के थेनी लोकसभा क्षेत्र में छापा मारकर 1.48 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। आयकर विभाग के महानिदेशक (जांच) बी मुरली कुमार ने रातभर चली छापेमारी के सुबह करीब साढ़े पांच बजे खत्म होने के बाद बताया कि बेनामी 1.48 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। ये रुपए बड़ी सफाई से 94 लिफाफों में रखे गए थे, जिन पर वार्ड नंबर, मतदाताओं की संख्या लिखी हुई थी और प्रति मतदाता 300 रुपए राशि का जिक्र किया गया था।

अधिकारी ने कहा, ये सभी वार्ड अन्दिप्पत्ति के अंतर्गत आते हैं, जहां कल उपचुनाव होना है। कुमार ने बताया कि यह परिसर एएमएमके के पदाधिकारी का है और परिसर के भूतल में पार्टी का कार्यालय भी है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और नई दिल्ली में चुनाव आयोग को भी इस अभियान की रिपोर्ट भेजी जाएगी।

आयकर विभाग ने संदिग्ध धन की खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार रात को छापेमारी की। इस दौरान कार्रवाई का विरोध कर रहे टीटीवी दिनाकरण नेतृत्व वाले अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके) के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। आयकर अधिकारी ने कहा, परिसर में मौजूद व्यक्ति का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसने बताया कि यहां दो करोड़ रुपए 16 अप्रैल को अन्दिप्पत्ति पंचायत संघ इलाके में मतदाताओं को बांटने के लिए लाए गए थे।

अधिकारी ने छापे के बारे में बताते हुए कहा कि शुरू में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उड़न दस्ते के काम में बाधा उत्पन्न की। कार्यकर्ताओं ने दरवाजा तोड़ कुछ नोटों के बंडल भी छीन लिए। छापेमारी दल में जिला चुनाव आयोग के अधिकारी और आयकर अधिकारी शामिल थे, जो परिसर के बाहर खड़े थे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस सिलसिले में एएमएमके के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि असमाजिक तत्वों ने भागते समय कुछ लिफाफे गिरा दिए और कुछ लेकर भाग गए। विभाग ने बचे हुए 94 लिफाफों को जब्त कर लिया। अधिकारी ने बताया कि अन्दिप्पत्ति विधानसभा उप चुनाव का एक डाक मतपत्र भी परिसर से बरामद किया गया, जिस पर पहले ही एएमएमके उम्मीदवार के निशान पर छाप लगी है।

उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में दूसरे चरण में 18 अप्रैल को लोकसभा के लिए भी मतदान होना है। चुनाव आयोग मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध नकदी के आरोपों के चलते वैल्लोर संसदीय क्षेत्र में पहले ही चुनाव रद्द कर चुका है।

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