तस्करी मामले में पाकिस्तानी दंपती की सऊदी अरब में गर्दन कलम

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रियाद/दक्षिण भारत। सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने घोषणा की है कि दो पाकिस्तानी नागरिकों को गुरुवार को हेरोइन की तस्करी मामले में अदालत द्वारा दोषी पाए जाने के बाद सजा-ए-मौत दे दी गई।

मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि मुहम्मद मुस्तफा और फातिमा एजाज को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वे हेरोइन की तस्करी कर रहे थे। ये दोनों पति-पत्नी थे। मंत्रालय ने कहा कि इस मामले को अदालत में भेजा गया, जहां ये तस्करी के दोषी पाए गए।

मंत्रालय ने बताया कि दंपती के लिए एक शाही आदेश जारी किया गया और और जेद्दा में दोनों की गर्दन कलम कर दी गई। वहीं, पाकिस्तान में कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इसका विरोध किया है।

संगठनों ने सऊदी अरब में पाकिस्तानी कामगारों के हालात पर भी चिंता व्यक्त की है। एक बयान में कहा गया है कि जब कभी ऐसे मामलों में लोग वहां पकड़े जाते हैं तो पाकिस्तानी सरकार उनकी पूरी तरह उपेक्षा करती है।

मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने पिछले पांच वर्षों में 100 से अधिक पाकिस्तानियों को सजा-ए-मौत दी है। एक क्षेत्रीय सहयोगी होने के बावजूद सऊदी अरब किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक पाकिस्तानियों को मृत्युदंड देता है।

आंकड़ों के अनुसार, साल 2014 में 20, साल 2015 में 22, साल 2016 में सात, साल 2017 में 17, साल 2018 में 30 और इस साल अब तक 14 पाकिस्तानियों को मृत्युदंड दिया गया है।

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