नई दिल्ली। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार को एक संसदीय समिति के सामने कहा कि डोकलाम के मुद्दे पर भूटान दृ़ढता से भारत के साथ ख़डा है। उन्होंने यह दोहराया कि पिछले साल अगस्त में डोकलाम गतिरोध खत्म होने के बाद से उस क्षेत्र में चीन ने किसी तरह सैन्य उपस्थिति नहीं ब़ढाई है। विदेश मामलों से संबद्ध संसद की स्थायी समिति की बैठक में मौजूद रहे सूत्र ने बताया कि विदेश सचिव विजय गोखले और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने समिति के समक्ष यह बात कही। समिति डोकलाम में भारत-चीन सैन्य गतिरोध के विभिन्न पहलुओं पर गौर कर रही है। सूत्रों के अनुसार शीर्ष अधिकारियों ने समिति के सामने कहा कि डोकलाम के मुद्दे पर भूटान दृ़ढता से भारत के साथ ख़डा है। ये अधिकारी सेना प्रमुख बिपिन रावत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गोखले की हाल की भूटान यात्रा के बारे में पूछे गए प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। समिति के सदस्यों ने उनसे भूटान द्वारा अन्य क्षेत्रों में भूखंड के बदले में डोकलाम में चीन को जमीन देने की संभावना संबंधी रिपोर्ट के बारे में पूछा। उल्लेखनीय है कि डोकलाम में भारत और चीन के बीच पिछले साल १६ जून से ७३ दिनों तक सैन्य गतिरोध चला था। जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना को विवादित तिराहे में स़डक बनाने से रोक दिया था तब दोनों देश के सैनिक एक दूसरे के आमने सामने आ गए थे। डोकलाम को लेकर भूटान और चीन के बीच विवाद है।

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