नीरव मोदी
नीरव मोदी

लंदन/दक्षिण भारत। पंजाब नैशनल बैंक को करीब 13 हजार करोड़ रुपए की चपत लगाकर भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन की अदालत से इस बार भी राहत नहीं मिली है। लंदन के रॉयल कोर्ट्स ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि नीरव को अभी जेल में ही रहना होगा।

गौरतलब है कि मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी हुई थी और अगले ही दिन अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत द्वारा जमानत से इनकार करने को नीरव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जेल से बाहर आने के लिए नीरव कई तरह के पैंतरे आजमाता रहा है, लेकिन वेस्टमिंस्टर अदालत ने तीन बार जमानत याचिका खारिज कर उसके अरमानों पर पानी फेर दिया था।

इसी साल मार्च में स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा गिरफ्तार किए गए नीरव मोदी की भारतीय एजेंसियों को तलाश है। वे उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार कोशिशों में जुटी हैं। भारत में बैंक घोटाले को अंजाम देने के बाद विदेश भागे नीरव की जमानत याचिका के सन्दर्भ में ब्रिटिश अदालत के जज ने कहा कि यदि इसे जमानत पर छोड़ा तो दोबारा समर्पण नहीं करेगा, यह मानने के लिए ठोस आधार है।

हालांकि नीरव की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने कई दलीलें देकर उसकी जमानत के लिए काफी कोशिश की। वकील ने अदालत को बताया कि नीरव मोदी पूंजी एकत्रित करने के लिए आया है। वह जमानत मिलने की स्थिति में स्वयं को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से टैग कराने के लिए भी तैयार है ताकि उसकी स्थिति के बारे में पल-पल का पता लगाया जा सके। वकील ने यह भी कहा कि नीरव के खिलाफ प्रत्यर्पण का मामला शुरू हो चुका है। ऐसे में उसके भागने की कोई संभावना नहीं है।

दूसरी ओर, अदालत में भारत सरकार का पक्ष रख रहे वकील ने बताया कि नीरव पर फर्जीवाड़े और आपराधिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप हैं। जज ने मामले को तय अवधि में निपटाने के लिए कहा और नीरव को जमानत देने से इनकार कर दिया। बता दें कि नीरव मोदी 19 मार्च को जब लंदन में बैंक खाता खुलवाने बैंक शाखा गया तो कर्मचारी ने पुलिस को सूचना देकर उसे पकड़वा दिया। उसके बाद अदालती कार्यवाही का सामना करते हुए वह जेल की सलाखों के पीछे समय बिता रहा है।

LEAVE A REPLY