श्रीनगर। श्रीनगर स्थित सेना के चिनार कोर ने करगिल से पाकिस्तानी सेना को बाहर निकालने के लिए वर्ष १९९९ में शुरू किए गए ऑपरेशन विजय में शहीद हुए जवानों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी। २६ जुलाई को वर्ष १९९९ में पाकिस्तान के साथ हुए करगिल युद्ध में भारत की विजय की वर्षगांठ के तौर पर मनाया जाता है।एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि अभियान चलाने में सबसे आगे रहा चिनार कोर १८वें करगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के साथ मिलकर शहीदों, बहादुर सेवारत जवानों और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों को याद करता है। उन्होंने कहा कि चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जे एस संधू और चिनार कोर के सभी रैंकों ने यहां बादामी बाग छावनी में युद्ध स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में करगिल के नायकों को श्रद्धांजलि दी।अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम में करगिल युद्ध की संक्षिप्त जानकारी देते हुए शहीदों की बहादुरी एवं उनके साहस की गाथा को रेखांकित किया गया। इस दौरान धर्मगुरुओं ने प्रार्थना की और अभियानों में भाग लेने वाले बहादुर नायकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई।वर्ष १९९९ में आज ही के दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना पर विजय प्राप्त की थी और उन्हें द्रास, मुश्को, ककसार और बटालिक की पहाि़डयों से पूरी तरह खदे़ड दिया था। पाकिस्तान की नदर्न लाइट इन्फेंट्री के घुसपैठियों ने अहम श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को खतरे में डालने की कोशिश के तहत इन क्षेत्रों पर धोखे से कब्जा कर लिया था।

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