जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि फेस्टिवल ऑफ एज्यूकेशन प्रदेश के लिए ग्लोबल एज्यूकेशन से रूबरू होने का माध्यम बनेगा। इस आयोजन से शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षण संस्थाओं को दुनियाभर में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और नई टेक्नोलॉजी को जानने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं के लिए कहीं भी रास्ते बंद नहीं होने चाहिए इसलिए उन्हें उन सभी अवसरों के बारे में जानना जरूरी है जहां वे अपना हुनर दिखा सकते हैं और करियर बना सकते हैं।राजे फेस्टिवल ऑफ एज्यूकेशन की अंतिम तैयारियों के विषय में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जु़डी सफलता की कहानियों को फेस्टिवल में विद्यार्थियों के सामने लाया जाए ताकि उन्हें भी़ड से अलग हटकर भी अपना करियर बनाने की प्रेरणा मिल सके। राजस्थान सरकार तथा जेम्स एज्यूकेशन फाउंडेशन की ओर से वन-यंग-राजस्थान थीम पर यह फेस्टिवल अगस्त माह में जयपुर में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों से आने वाले कुलपतियों तथा पॉलिसी मेकिंग एवं शिक्षा जगत से जु़डे अन्य विशेषज्ञों के बीच नेटवर्किंग के सत्र प्रदेश की शिक्षा में रचनात्मक और गुणात्मक सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने फेस्टिवल में भाग लेने वाले वक्ताओं और विशेषज्ञों से छात्र-छात्राओं का इंटरेक्शन कराने का कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को एज्यूकेशन और करियर बिल्डिंग के क्षेत्र में दुनियाभर में हो रहे बदलावों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।बैठक में राजे के समक्ष दिए गए प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि फेस्टिवल ऑफ एज्यूकेशन में दो दिन तक पैनल डिस्कशन, डायलॉग और डिस्कशन के विभिन्न सत्र होंगे। इन सत्रों में मल्टी नेशनल कम्पनियों में उच्च स्तरीय अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ, शिक्षाविद, कला, सिनेमा एवं थिएटर जगत के दिग्गज, ब्लॉगर, लेखक, साइंस एवं टेक्नोलॉजी से जु़डे एक्सपर्ट आदि अपने अनुभव साझा करेंगे। फेस्टिवल में आने वाले विद्यार्थियों के लिए स्टार्ट-अप, टेक्नोलॉजी, फोटोग्राफी, डिजाइनिंग, सामान्य ज्ञान, फोटोग्राफी, लेखन तथा संगीत की प्रतियोगिताएं भी होंगी।

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