दक्षिण भारत न्यूज नेटवर्कटुमकूर। राष्ट्रसंत चन्द्रप्रभजी ने कहा कि मीठी जुबान खुद में बहुत ब़डा वरदान है। अगर हम सबसे मिठास पाना चाहते हैं तो सबको मिठास देना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमसे धर्म-कर्म हो तो अच्छी बात है और न हो तो भी कोई दिक्कत नहीं, लेकिन भूलकर भी किसी की जिंदगी में क़डवाहट नहीं घोलनी चाहिए, क्योंकि इससे ब़ढकर कोई पाप नहीं होता। संतश्री गुरुवार को यहां जैन मंदिर के पास स्थित आराधना भवन में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया में होने वाली ८० प्रतिशत आत्महत्याओं का कारण क़डवी जुबान ही होती है। चंद्रप्रभजी ने ‘नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का..’’ भजन की भी प्रस्तुति दी। इससे पूर्व मुनिश्री शांतिप्रियसागरजी ने भी विचार रखे। क संतवृंद का शुक्रवार को भी यहीं प्रवचन होगा तत्पश्चात् वे महामांगलिक प्रदान कर हुब्बल्ली की ओर विहार करेंगे।

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