एसएम कृष्णा से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के दो विधायक.
एसएम कृष्णा से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के दो विधायक.

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद कर्नाटक और मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल जारी है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए एस. एम. कृष्णा से कांग्रेस के दो विधायकों ने रविवार को उनके घर जाकर मुलाकात की।

लोकसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस विधायकों के भाजपा नेताओं से संपर्क में रहने का दावा कर्नाटक के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने किया था। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने कहा कि यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भेंट थी। कांग्रेस के रमेश जरकीहोली और डॉक्टर सुधाकर ने भाजपा नेता एस. एम. कृष्णा से बेंगलूरु में उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। कृष्णा के घर पर भाजपा नेता आर अशोक भी मौजूद थे।

जरकीहोली ने इस मुलाकात पर कहा, यह कोई राजनीतिक मुलाकात नहीं थी। हम सिर्फ एसएम कृष्णा से मिलने आए थे और उन्हें कर्नाटक में भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की है, हम उन्हें बधाई देने आए थे। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।

भाजपा के नेता आर अशोक ने भी इस मुलाकात के कोई राजनीतिक अर्थ नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा, मैं एस. एम कृष्णा से पार्टी संबंधी मसलों पर बात करने आया था। मेरी कांग्रेस नेताओं रमेश जरकिहोली और डॉक्टर सुधाकर से कोई मित्रता नहीं है।

कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन सरकार जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर बनाई है।बता दें कि कर्नाटक में सरकार गठन के बाद से ही सियासी ड्रामा जारी है। भाजपा पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले कहा था कि २३ मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 10 विधायक (7 कांग्रेस और 3 जेडीएस) भाजपा के खेमे में जाने को तैयार हैं। हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व ने कथित ऑपरेशन लोटस ठंडे बस्ते में डालने की खबर भी आई थी।

भाजपा को 25 सीटें
कर्नाटक में सरकार बनाने से चूकी भाजपा ने लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन दिखाया। प्रदेश की २८ में से २५ सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से बीजेपी पूरे जोश में है। कर्नाटक से कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी चुनाव हार गए। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी अपनी सीट बचाने में नाकामयाब ही रहे।

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