rajnath singh
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने अहम फैसला लेते हुए कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है। इन अलगाववादी नेताओं में मीरवाइज उमर फारूक, शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी बट हैं। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके संकेत दे दिए थे कि सरकार अलगाववादी नेताओं को मुहैया कराई गई सुरक्षा वापस ले सकती है। गृह मंत्री ने कहा था कि पकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वालों की सरकारी सुरक्षा पर दोबारा विचार किया जाएगा।

सीसीएस बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों के बाद सरकार ने अलगाववादी और आतंकी तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना लिया है, जिसके तहत सबसे पहले पाक से एमएफएन का दर्जा वापस लिया गया। अब अलगाववादीनेताओं की सुरक्षा हटाने का फैसला कर कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई। गृह मंत्री ने कश्मीर का दौरा कर राज्यपाल सत्यपाल मलिक और सशस्त्र बलों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि भारत में लंबे समय से यह मांग होती रही है कि देश के खिलाफ नफरत का जहर उगलने अलगाववादी नेताओं को मुहैया कराई गई सुरक्षा व्यवस्था रद्द की जाए।

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