mirwaiz umar farooq
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श्रीनगर/(भाषा)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी और अलगाववादी संगठनों को वित्त पोषण के मामले में मीरवाइज उमर फारूक सहित अलगाववादियों के परिसरों सहित सात स्थानों पर मंगलवार को छापे मारे। एजेंसी ने कहा कि उसने मीरवाइज के घर से उच्च तकनीकी इंटरनेट संचार प्रणाली जब्त की।

एजेंसी ने कई स्थानों से पाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए वीजा सिफारिश वाले पत्र और आतंकवादी संगठनों के लेटरहेड भी जब्त करने का दावा किया। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर मीरवाइज, पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी और तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख अशरफ सेहराई सहित अलगाववादी नेताओं के घरों की तलाशी ली।

एनआईए प्रवक्ता ने कहा कि छापेमारी के दौरान, एनआईए टीमों ने संपत्ति के कागजात, वित्तीय लेनदेन पर्चियां और बैंक खातों का ब्यौरा सहित अपराध से जुड़ी सामग्री जब्त की। छापेमारी में लैपटॉप, ई टैबलेट, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, संचार प्रणणली और डीवीआर सहित इलेक्ट्रानिक उपकरण भी जब्त किये गए।

इनके अलावा, जेकेएलएफ नेता यासिन मलिक, शब्बीर शाह, जफर भट और मसर्रत आलम के आवास पर भी छापे मारे गए। मीरवाइज और सेहराई के अलावा अन्य सभी नेता कुछ समय से जेल में बंद हैं। एनआईए ने पिछले साल मीरवाइज के दो मामा मौलवी मंजूर और मौलवी शाफत तथा उनके दो करीबियों से पूछताछ की थी। ये दोनों सेवानिवृत्त वरिष्ठ सरकारी अधिकारी हैं।

एनआईए जांच का उद्देश्य सुरक्षाबलों पर पथराव, स्कूल जलाने और सरकारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य आतंकी गतिविधियों को धन मुहैया कराने के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाना है। इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को भी नामजद किया गया है।

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