उमेश जाधव ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी

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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। चिंचोली विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक उमेश जाधव ने सोमवार को स्पीकर केआर रमेश कुमार से मिलकर उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और सत्तासीन कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन की समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्दरामैया ने विधानसभा अध्यक्ष को पिछले महीने उमेश जाधव को विधानसभा की सदस्यता के अयोग्यता घोषित करने के लिए दलबदल विरोधी कानून के तहत सिफारिश की थी।

आज अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपने के पूर्व दो बार के विधायक जाधव लगातार दावा करते रहे थे कि वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। वहीं, उनके भाई रामचंद्र जाधव ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, मेरे भाई भाजपा में शामिल होंगे इसी पार्टी के टिकट पर कलबुर्गी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। वह यहां अपने विरोधी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं क्योंकि वह लंबानी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं जिसका यहां काफी दबदबा है।

सूत्रों ने कहा कि जाधव खुद ही कद्दावर कांग्रेस नेता एम मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे। गौरतलब है कि खरगे को उनके आज तक के राजनीतिक जीवन में कभी शिकस्त का स्वाद नहीं चखना पड़ा है। अभी इस्तीफा देने की वजह का पता नहीं चला है। माना जा रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। प्रधानमंत्री कलबुर्गी में 6 मार्च को एक रैली को संबोधित करेंगे। इसी दौरान उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई जा सकती है।

सूत्रों ने कहा कि दिसंबर में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्री की कुर्सी न मिलने और अपने चुनाव क्षेत्र में खरगे के पुत्र तथा समाज कल्याण मंत्री प्रियांक खरगे के कथित हस्तक्षेप के कारण जाधव ने पिछले काफी समय से खुद को पार्टी से दूर बना रखा था।

बताते चलें कि उमेश जाधव उन चार विधायकों में से एक हैं, जो दो बार कांग्रेस विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद कांग्रेस ने उनकी शिकायत स्पीकर रमेश कुमार से की थी और उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी। पिछले काफी समय से कर्नाटक की कांग्रेस-जनता दल (एस) वाली सरकार बीजेपी पर उनके विधायकों को तो़डने के आरोप लगाती आ रही है।

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