प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

कोलकाता/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विजयरथ’ रोकने के लिए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन ने खूब सुर्खियां बटोरीं। हालांकि यह गठबंधन अपने नेताओं के दावों के मुताबिक नतीजे नहीं दे पाया और बिखर भी गया। अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गठबंधन फॉर्मूले के संकेत दिए हैं।

ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस और सीपीआई (एम) से कहा ​कि भाजपा के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत है। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या प​. बंगाल में भाजपा के बढ़ते जनाधार से चिंतित दीदी उन पार्टियों को साथ लेंगी जिनके खिलाफ उन्होंने वर्षों सियासी जंग लड़ी है।

ममता बनर्जी ने सीआईएसएफ पर भी आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा उसका इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान सीआईएसएफ के लोग मतदाताओं के घरों में गए और पांच-पांच हजार रुपए देकर वोट खरीद लिए।

ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई (एम) और कांग्रेस से कहा कि ‘जनता के हित’ को ध्यान में रखकर हमें भाजपा से मिलकर लड़ना होगा। गौरतलब है कि ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा प. बंगाल की 18 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमा चुकी है और तृणमूल के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है।

लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस प. बंगाल से 22 सीटें जीतकर पहले स्थान पर जरूर रही, लेकिन उसका वोट शेयर (43.3 प्रतिशत) भाजपा के वोट शेयर (40.3 प्रतिशत) से थोड़ा ही ज्यादा रहा। कई विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की बढ़त ने तृणमूल कांग्रेस की चुनौती बढ़ा दी।

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