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तेहरान/दक्षिण भारत। ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) पर 13 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद इस देश ने गुनहगारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। आईआरजीसी के थल कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद पाकपूर ने बताया कि आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे। आत्मघाती हमलावर भी पाकिस्तानी था। ब्रिगेडियर जनरल ने बताया कि हमले में लिप्त लोगों की गिरफ़्तारी और उनके ठिकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई।

एक बयान में उन्होंने कहा कि ईरान के खुफिया और जमीनी बलों ने धमाके में इस्तेमाल की गई गाड़ी के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद आतंकी समूह की पहचान और गिरफ़्तारी का काम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान सुरक्षाबलों ने एक महिला आतंकी की पहचान की और उसे गिरफ्तार किया गया। आतंकी घटना में स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हाथ सामने आ गया है।

ब्रिगेडियर जनरल ने कहा कि ईरान में ख़ाश ज़ाहेदान रोड पर हुए आतंकी हमले के बाद जांच में प्रगति हुई तो पता चला कि इसमें सात सदस्यीय समूह लिप्त था। पाकिस्तानी आत्मघाती हमलावर का नाम हाफ़िज़ मुहम्मद अली बताया गया है। गिरफ्तार की गई महिला आतंकी ने अपने साथी आतंकियों के नाम बताए थे। आतंकी समूह के तीन अन्य सदस्य सीस्तान व बलोचिस्तान के थे। इनमें से दो सुरक्षाबलों की गिरफ्त में आ चुके हैं।

ब्रिगेडियर जनरल ने कहा कि आतंकी समूह के पास बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि ये आतंकी ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ के मौके पर 11 फरवरी को हमला करना चाहते थे, लेकिन उस समय कामयाब नहीं हो पाए।

उल्लेखनीय है कि ईरानी सेना के वाहन पर आत्मघाती हमले में 27 जवानों ने जान गंवाई थी। इसके बाद पूरे ईरान में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से की लहर है। रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने कहा था कि पाक को अपनी करतूतों की कड़ी कीमत चुकानी होगी। हम अपने शहीदों के खून का बदला लेंगे।

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