pm modi addressing
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यवतमाल/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के यवतमाल में एक ​जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जानता हूं कि हम सभी किस गहरी वेदना से गुजर रहे हैं। पुलवामा में जो हुआ, उसको लेकर आपके आक्रोश को मैं समझ रहा हूं। जिन परिवारों ने अपने लाल को खोया है, मैं उनकी पीड़ा अनुभव कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सैनिकों में और विशेषकर सीआरपीएफ में जो गुस्सा है, वो भी देश समझ रहा है। इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है।

मोदी ने कहा कि हमें अपने सैनिकों के पराक्रम पर गर्व और भरोसा दोनों है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए कहा कि जो देश भारत के बंटवारे के बाद अस्तिव में आया, जहां आतंकवाद को पनाह दी जाती है, जो दिवालिया होने की कगार पर खड़ा है, वह आतंकवाद का दूसरा नाम बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि धैर्य रखें, अपने जवानों पर भरोसा रखें। पुलवामा के जवानों के गुनहगारों को सजा कैसे देनी है, कहां देनी है, कब देनी है, कौन देगा, किस प्रकार की सजा देगा यह जवान तय करेंगे।

मोदी ने कहा कि आज यवतमाल के विकास से जुड़ी सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इनमें गरीबों से जुड़ी, सड़कों से जुड़ी, रेलवे से जुड़ी, रोजगार से जुड़ी अनेक परियोजनाएं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2022 तक हर बेघर को पक्का घर देने का लक्ष्य रखा है और हमारी सरकार तेजी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है। जिन परिवारों को अभी तक घर नहीं मिला है, उन्हें मेरा वचन है कि 2022 तक हर परिवार का अपना घर होगा। उन्होंने कहा कि इस बजट में हमारी सरकार ने घुमंतू समुदाय के लिए बड़ा फैसला किया है। इतिहास में पहली बार इस समुदाय का ख्याल किसी सरकार ने किया है। इस समुदाय के लिए सरकार ने विकास कल्याण बोर्ड बनाने का फैसला किया है।

मोदी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए इस बार के बजट में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह फैसला आदिवासी समाज के लिए भाजपा सरकार की निष्ठा का सबूत है। जनधन और वनधन योजना की सहायता से जनजातीय समुदाय के लोगों के लिए काम किया जा रहा है।

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