आज है मोदी सरकार की अग्निपरीक्षा, लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर होगी बहस, हंगामे के आसार

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Parliament Of India
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि यह चर्चा रचनात्मक तथा व्यवधान मुक्त होगी। उन्होंने कहा है कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है और भारत में लोग इसे बहुत गौर से देखेंगे।

नई दिल्ली। अपने चार साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार के लिए शुक्रवार का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। मानसून सत्र के तीसरे दिन मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस की जाएगी। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर तेदेपा द्वारा चर्चा प्रारंभ की जाएगी। उसकी ओर से जयदेव गल्ला बतौर पहले वक्ता भाषण देंगे।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि यह चर्चा रचनात्मक तथा व्यवधान मुक्त होगी। उन्होंने कहा है कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है और भारत में लोग इसे बहुत गौर से देखेंगे। सदन में कांग्रेस को इस विषय पर विचार रखने के लिए 38 मिनट मिले हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में सरकार को घेरेंगे।

इस विषय पर बोलने के लिए भाजपा को तीन घंटे 33 मिनट का समय दिया गया है। सरकार की ओर से राजनाथ सिंह, राकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह मस्त और अर्जुन राम मेघवाल चर्चा में भाग लेंगे। वहीं विपक्ष के अन्य दल तृणमूल कांग्रेस, बीजद, अन्नाद्रमुक आदि को भी समय दिया गया है। सदन में आज का दिन काफी हंगामेदार होने के आसार नजर आते हैं। विपक्ष जहां सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा, वहीं राजग नेताओं के पास भी शब्दबाणों की कमी नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10:30 बजे पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है। भाजपा से अलग रुख दिखाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर ट्वीट किया है, ‘जहां तक मेरा सवाल है, न तो पार्टी ने कभी मुझे दरकिनार कर छोड़ा है, न ही मैंने कभी पार्टी को छोड़ा है। हालांकि इस वक्त मुझे भाजपा का वफादार और एक सच्चा सिपाही होने के नाते पार्टी को सपोर्ट करना चाहिए या करना होगा। अभी के लिए मेरा वोट पार्टी के साथ है, मगर 2019 चुनाव का उस वक्त देखा जाएगा। ये कहानी फिर कभी।’

इस विषय पर शिवसेना ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी नेता संजय राउत ने कहा है कि हमारी पार्टी सही फैसला लेगी। पार्टी के मुखिया ही अपने रुख के बारे में देश को अवगत कराएंगे।

वैसे आंकड़ों के गणित को देखें तो यह अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष का सांकेतिक विरोध अधिक लगता है, क्योंकि सरकार के पास लोकसभा में पर्याप्त सीटें हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के सभी नेता आश्वस्त हैं कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव सरकार को नहीं हिला पाएगा। हालांकि सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं और मीडिया में इसकी खूब चर्चा होगी।

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