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निलंबन प्रकरण एक "बंद अध्याय'
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जमशेदपुर। चार बार की विश्र्व चैंपियन तथा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेता महिला मुक्केबाज एम सी मैरीकोम ने 10वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनी सनसनीखेज हार और निलंबन से पैदा विवाद को एक बंद अध्याय करार देते हुए आज कहा कि अब उनका ध्यान आने वाली प्रतियोगिताओं में देश को अधिक से अधिक पदक दिलाने पर है।
मैरीकोम ने यहां से कोलकाता के रास्ते बेंगलूर रवाना होने के पूर्व पत्रकारों से कहा जो कुछ भी हुआ, वह अब एक बंद अध्याय है। मुक्केबाजी जोश में खेला जाने वाला खेल है इसलिए गर्म माहौल में कुछ बातें हो जाती हैं। मैं इसे भूलकर 31 अक्टूबर से वियतनाम में होने वाले इंडो-एशियन चैंपियनशिप तथा अन्य प्रतियोगिताओं में देश को अधिक से अधिक पदक दिलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मैं अगले साल के विश्र्व चैंपियनशिप और 2012 के लंदन ओलंपिक में भी देश को पदक दिलाने की ख्वाहिशमंद हूं। मणिपुर की इस 27 वर्षीय मुक्केबाज ने बताया कि वह बेंगलूर में आज आयोजित चैंपियंस लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में अतिथि बन कर जा रही हैं।
ज्ञातव्य है कि मैरीकोम ने पांच अक्टूबर को यहां सीनियर चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में हरियाणा की एक अंजान मुक्केबाज पिंकी जांगरा के हाथों सनसनीखेज हार के बाद गुस्से में निर्णायकों तथा भारतीय मुक्केबाज महासंघ (आइबीएफ) की "हरियाणा लॉबी' पर उसे अपमानित करने के लिए हराने की साजिश का आरोप लगाया था।
वर्ष 2001 से मुक्केबाजी से जुड़ी छह बार की राष्ट्रीय विजेता मैरीकोम की किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता की यह पहली हार थी। इसके कुछ ही देर बाद उसे "खेल भावना के विपरीत व्यवहार' के कारण अस्थायी तौर पर 27 अक्टूबर तक के लिए निलंबित कर दिया गया था। कल इस मामले में माफी मांगने के बाद आइबीएफ ने उसका निलंबन वापस ले लिया।
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