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प्राकृतिक आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण सबके लिए आवश्यक : नीतीश
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पटना। बिहार के मु"यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले क्षति को कम करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है और सरकार इसके लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगी। वे गुरुवार को यहां श्रीकृष्ण स्मारक भवन में आयोजित "अंतरराष्ट-ीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दिवस" समारोह में भाग ले रहे थे। इसके उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में नीतीश ने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे पहले समुदाय के लोग आगे आते हैं और इसके बाद क्षेत्रीय पुलिस या प्रशासन पहुंच पाती है ।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक और छात्र को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक नीति के तहत विद्यालयों में छात्रों के लिए आपदा प्रबंधन की पढ़ाई और आम नागरिकों के लिए भी प्रशिक्षण की व्यवस्था हमारी प्राथमिकता में है।
मु"यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए हर स्तर पर चेतना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ और सुखाड़ जैसी कुछ आपदाओं का तो पूर्वानुमान होता है किन्तु भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक आती हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं कि जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप प्रकृति में हो रहे बदलाव के कारण प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह से रोका तो नहीं जा सकता लेकिन पूर्व तैयारियों और प्रशिक्षण के द्वारा आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी कम किया जा सकता है।
कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन का दायरा बहुत व्यापक है और इसका प्रबंधन अत्यंत कठिन एवं चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत बचाव एवं राहत कार्यों के अलावा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की बातें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व से राज्य स्तर पर गठित नागरिक परिषद का विस्तार करते हुए थाना एवं जिला स्तर पर गठित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि घटना के बाद रिपोर्टिंग के लिए मीडिया प्रतिनिधियों का कार्य सहज एवं विदित हैं किन्तु प्रबंधन की दृष्टि से लोगों को सूचित एवं प्रशिक्षित करने में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा।
प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण को सबके लिए आवश्यक मानते हुए मु"यमंत्री नीतीश ने कहा कि राष्ट-ीय स्तर पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट-ीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया गया है जबकि राज्य स्तर पर मु"यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी गठित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक नागरिक और छात्र को इसके लिए समुचित प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। आने वाले पीढ़ी हमारे इस पहल का न सिर्फ लाभ उठाएगी बल्कि आपदा की स्थिति में पीड़ित मानवता की बेहतर सेवा भी कर सकेगी।
समारोह को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी ने बताया कि संयुक्त राष्ट- संघ की महासभा में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रति वर्ष अक्तूबर माह में दूसरे बुधवार को अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दिवस मनाया जाना है।
इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जन जागृति और पूर्व तैयारी का संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़-सुखाड़ के साथ ही बड़े पैमाने पर होने वाले अग्निकांड से भी लोग प्रभावित होते हैं। इससे बचने के उपाय आम लोगों को बताना भी जरूरी है।
न्होंने कहा कि इसके लिए लोगों में खासकर छात्रों में जन जागृति लाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में कई प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है ।
इस अवसर पर उप मु"यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वर्ष 1962 में चीन के आक"मण के समय "नागरिक सुरक्षा' का गठन किया गया था और अब इसका उपयोग हम आपदा प्रबंधन में भी कर रहे है ।
उन्होंने संयुक्त राष्ट- संघ की एक एजेंसी द्वारा राज्य में आयी बाढ़ में सरकार द्वारा चलाए राहत कार्यों के सर्वेक्षण रिपोर्ट की सराहना किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि यह कार्य केवल सरकारी मशीनी के बदौलत संभव नहीं हुआ बल्कि लोगों के सहभागिता का परिणाम है।
समारोह को आपदा प्रबंधन मंत्री देवेश चन्द्र ठाकुर ने भी संबोधित किया।
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