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कृष्णा नदी ने धरा भयंकर रूप
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नई दिल्ली। मूसलाधार बारिश की वजह से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में आई बाढ़ से स्थिति भयावह बनती जा रही है। यहां बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। बारिश के कारण दस और शवों के बरामद होने से कर्नाटक में मरने वालों की सबसे अधिक 194, आंध्र प्रदेश में 37 और महाराष्ट्र में 25 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। इसके अलावा फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तीनों राज्यों के प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर तथा कृष्णा और गुंटूर जिलों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आंध ्रप्रदेश में भारी बारिश से तबाही का दौर जारी है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, कृष्णा और गुंटूर जिले के सैंकड़ोंे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बैराज का जलस्तर खतरे के निशान को पार गया। विजयवाड़ा कृष्णा नदी के तट पर है, इसी वजह से यहां बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। विजयवाड़ा के ग्रामीण इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रकाशम बैराज के तटबंधों के कमजोर पड़ जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने बाढ़ के पानी को रोकने के लिए रेत की 3 लाख बोरियां इकट्ठी की हैं।
विजयवाड़ा में रहने वाले सुरेश कुमार ने बताया कि कृष्णा नदी के तटवर्ती इलाके में तीन-चार फीट पानी है। उन्होंने कहा कि आशंका है कि दिन में पानी की मात्रा छह से सात फीट तक जा सकती है। कृष्णा और गुंटूर जिले में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कृष्णा के जिलाधिकारी पीयूष कुमार ने कहा कि प्रशासन किसी भी स्थिति निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के जवानों को तैयार रखा गया है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के. रोसैया के साथ गांधी ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित महबूबनगर और कर्नूल जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। सोमवार सुबह राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष गांधी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना हो गईं।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश के प्रभारी एम.वीरप्पा मोइली और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डी. श्रीनिवास भी सोनिया के साथ थे। उल्लेखनीय है कि पिछले 100 वर्षों में कृष्णा नदी में आई सबसे भयंकर बाढ़ से राज्य के पांच जिलों में भारी तबाही हुई है। बाढ़ से यहां 37 लोगों की मौत हुई है और 4 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। हजारों एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। रोसैया ने कहा कि सेना के जवानों ने छतों और आधे डूबे घरों से लोगों को बचाया है। राज्य के पांच जिलों के 13 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मॉनसूनी बारिश से महबूबनगर जिले में अब तक 16 व्यक्ति, कर्नूल में 15, कृष्णा में तीन, नालगोंडा में दो और गुंटूर में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
उधर, गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी रविवार रात से बारिश हो रही है। बारिश की वजह से राज्य में 11 लोगों की मौत हो गई है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन संप्रग की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
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