Breaking News National International Business Sports Bangalore City E-Paper
I N T E R N A T I O N A L   N E W S

Home

कमजोर होने लगा है अल कायदा
लंदन। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को जमींदोज कर देने वाला दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी संगठन अल कायदा कमजोर हो रहा है। अल कायदा पर नजर रखने वाले आतंकवाद विरोधी दस्तों के विशेषज्ञों की रिपोर्टों में यह दावा किया गया है। रिपोट के अनुसार अलकायदा ने यमन और उत्तरी अफ्रीका में लड़ाकू मुजाहिदीनों की भर्ती प्रणाली का तंत्र बना रखा है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इस संगठन को समर्थन नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि लोगों का अल कायदा की विचारधारा से मोहभंग होने लगा है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के थामस हेगेमर कहते हैं कि कई अन्य संगठन जिन्होंने अलकायदा की विचारधारा को अपना लिया था, अब खुद को इससे अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दिनों लीबिया के मुस्लिम आतंकी संगठनों ने कहा है कि वह जिहाद की समझ पर नए सिरे से पुनर्विचार कर रहे हैं। एक अन्य प्रमुख वजह यह भी मानी जा रही है कि अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान के रिमोट इलाकों में अल कायदा ने तालिबान के साथ मिलकर गढ़ बना रखा था। हाल में अमेरिका के ड्रोन हमलों ने वजीरिस्तान और स्वात घाटी में तालिबान की कमर तोड़ दी है। तालिबान का इन क्षेत्रों में नियंत्रण था जिसका सीधा फायदा अल कायदा को भी होता था। इस प्रकार यह इलाका इनका सुरक्षित पनाहगाह बन गया था।  आगे..
साल का चौथाई वक्त विदेश में बिताया
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक ओर जहां तालिबान के बढते प्रभाव और उसके खिलाफ सैन्य अभियान से गृहयुध्द और कंगाली जैसे हालात से जूझना पड रहा है वहीं देश के राष्ट_पति आसिफ अली जरदारी अपने कार्यकाल के पहले साल हर चौथे दिन विदेश यात्रा पर रहे। पाकिस्तान की राष्ट_ीय असेम्बली में रखे गए दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार पिछले साल नौ सितंबर को राष्ट_पति पद की शपथ लेने वाले श्री जरदारी बीते 365 दिनों में से 94 दिन विदेशी दौरे पर रहे। इस दौरान उनकी 13 देशों और संयुक्त राष्ट_ की कुल 27 से ज्यादा यात्राओं पर 15725 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च आया। उनकी इन यात्राओं में कई तो निजी यात्राए थीं। पाकिस्तानी राष्ट_पति की इन विदेश यात्राओं की फेहरिस्त में सबसे उल्लेखनीय बात एक साल में चीन की चार यात्राएं हैं। पाकिस्तान और चीन के रणनीतिक संबंध काफी अरसे से रहे हैं लेकिन इससे पूर्व कोई पाकिस्तानी राष्ट_पति साल में चार बार चीन नहीं गया जबकि चीन के राष्ट_पति या प्रधानमंत्री एक वर्ष के दौरान एक बार भी पाकिस्तान नहीं आए। इसी तरह उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सर्वाधिक मदद देने वाले अमरीका की मात्र एक यात्रा की। जरदारी की विदेश यात्राओं की इस फेहरिस्त पर अमरीकी खुफिया एजेंसियों की भी टेढ़ी नजर है। रक्षा विश्लेषकों का भी मानना है कि सबसे बड़ा मददगार अमेरिका है लेकिन जरदारी का झुकाव चीन की तरफ होना बहुत अच्छा संकेत नहीं है, इसके अलावा जरदारी पांच बार ब्रिटेन, चार बार संयुक्त अब अमीरात, दो बार संयुक्त राष्ट_, ईरान और तुर्की गए। जरदारी ने एक बार अफगानिस्तान. सऊदी अरब, जापान, लीबिया, फ्रांस, रुस,बेल्जियम और ताजिकिस्तान की यात्रा की। पाकिस्तान की राष्ट_ीय असेंबली द्वारा इस वर्ष 12 मार्च को दी गई जानकारी के मुताबिक सितंबर 2008 से मार्च 2009 तक के बीच श्री जरदारी द्वारा की गई नौ विदेश यात्राओं पर कुल 15725 करोड 70 लाख रुपये खर्च हुये1 प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त राष्ट_ महासभा के 63 वें सत्र के दौरान श्री जरदारी के साथ गये प्रतिनिधिमंडल के 53 सदस्यों पर कुल 68 करोड 26 लाख नौ हजार 611 रुपये सरकारी खजाने से खर्च किये गये1  आगे..
महिला सैनिक लोहा लेगी युध्दक्षेत्र में
केनबरा। ऑस्ट_ेलिया की महिला सैनिक युध्दक्षेत्र के अग्रिम मोर्चों पर तालिबान आतंकवादियों से लोहा लेती नजर आएंगी। सरकार ने बुधवार को उन्हें युध्दक्षेत्र में भेजने पर सहमति दे दी। ऑस्ट_ेलिया के रक्षा राज्यमंत्री ग्रेग कोम्बेट ने कहा कि सेना के सभी वर्गों में महिलाओं की भर्ती की जानी चाहिए। इसमें विशेष सैन्य दस्ते भी शामिल हैं जो कि अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं विभागों में महिलाओं को शामिल नहीं किया जा सकता जिनमें वैज्ञानिक विश्लेषणों के आधार पर महिलाओं को शारीरिक रूप से अक्षम माना जाता है। ऑस्ट_ेलिया में नए सैनिकों की भर्ती के लिए संकट उत्पन्न हो गया है और ऐसा माना जा रहा है कि सेना में महिलाओं की भर्ती कर ऑस्ट_ेलिया इस संकट से निजात पाना चाहता है। ऑस्ट_ेलिया में पहले से ही महिला सैनिक लड़ाकू हेलिकॉप्टर, युध्दक विमान और पनडुब्बी चला रही हैं। लेकिन उन्हें अग्रिम मोर्चों पर लड़ाई करने वाली पैदल सेना और विशेष सैन्य कमांडो दस्ते से दूर रखा गया था। ऑस्ट_ेलिया का यह कदम उसके अन्य सहयोगियों अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल तथा कई यूरोपिय देशों से आगे कर देगा जो कि अपनी सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जा रहे हैं। इस बीच सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि महिला सैनिक पुरूष सैनिकों की तुलना में मजबूत नहीं होती जो कि नजदीकी लड़ाई में बहुत जरूरी होता है। महिला सैनिकों के होने से पुरूष सैनिकों को उनकी सुरक्षा करनी पड़ेगी। ज्ञातव्य है कि करीब 1550 सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं। ऑस्ट्रेलिया की सेना में करीब 53हजार सैनिक हैं लेकिन सेना नए सैनिकों को भर्ती नहीं कर पा रही है जिससे उनके समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।  आगे..
अमेरिका पहुंचे चिदंबरम.
वॉशिंगटन। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के मंगलवार को चार दिन की आधिकारिक अमेरिका यात्रा पर यहां पहुंच गए और इस यात्रा के दौरान शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के साथ होने वाली बातचीत में दोनों देशों के बीच आतंकवाद निरोधी सहयोग मजबूत करने के तरीकों और मुंबई हमलों के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की निष्क्रियता जैसे मुद्दों के मुख्य तौर पर उठने की संभावना है। चिदंबरम की 26/11 हमलों के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देने संबंधी पाकिस्तान की असंतोषजनक प्रतिक्रिया पर ओबामा प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा होने की संभावना है। वह बतौर गृह मंत्री अमेरिका के पहले दौरे पर आये हैं। उनके और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत में दोनों देशों के बीच आतंकवाद निरोधी सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल रह सकते हैं। भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में आतंकवाद निरोधी सहयोग एक अहम स्तंभ है जिसकी पहचान ओबामा प्रशासन ने की है।  आगे..
चीन खेल रहा है लुकाछिपी : राजनाथ
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत सीमा में चीन की घुसपैठ का न तो करारा जवाब दिया गया है और न ही समुचित कार्रवाई की गई है, इसलिए चीन लुकाछिपी का खेल खेल रहा है। सिंह मंगलवार को यहां भाजपा महिला मोर्चे की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में उद्घाटन भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मौजूदा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में सीमा की सुरक्षा एवं देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति का अभाव है। उन्होंने सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने सामाजिक समरसता को कुंठित किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा मजहब के आधार पर नहीं बल्कि गरीबी के आधार पर आरक्षण की पक्षधर है। सिंह ने पूछा कि तुष्टीकरण की नीति के आधार पर कांग्रेस देश को और कितने टुकड़ो में बांटना चाहती है?  आगे..
अमेरिका के कश्मीरी हिन्दु एकजुट हुए
वाशिंगटन। दुनियाभर में फैले तथा परेशानियों का सामना कर रहे कश्मीरी हिंदुओं ने समुदाय के हितों और आवश्यकताओं के मद्देनजर अमेरिका में 'कश्मीर हिंदू फाउंडेशन' नाम से एक संगठन का गठन किया है। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन ने कश्मीरी सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो भारत के बाहर इस तरह का पहला केंद्र होगा। विज्ञप्ति में कहा गया कि कश्मीरी सांस्कृतिक केंद्र कला और संस्कृति के प्रदर्शन का स्थल होगा, जहां कश्मीरी हिंदू विरासत का वैभव दिखेगा। कश्मीर हिंदू फाउंडेशन, कैलीफोर्निया के अंकित मोंगा ने कहा कि अपनी संस्कृति का भव्य प्रदर्शन तथा क्रूर तरीके से कश्मीर से हिंदुओं को निकाले जाने की याद शायद हमारी पहचान खोने के खतरे के विरुध्द अत्यधिक महत्वपूर्ण और अत्यंत प्रभावी ढाल है। कश्मीरी ओवरसीज एसोसिएशन (केओए) के पूर्व निदेशक इलिनोइस के कुलभूषण राजदान ने कहा कि यह संगठन विलगाव और नफरत की बजाय सेवा और प्रेम पर आधारित होगा। लंबे समय से शिकागो में रह रहे मोहन बामजई ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं की संस्कृति भविष्य के संपन्न विविध समाज में लगातार पल्लवित होती रहेगी और अब सामूहिक रूप से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का समय आ गया है। शेहजर पत्रिका के प्रबंध संपादक तथा केओए के पूर्व अध्यक्ष और फ्लोरिडा निवासी दीपक गंजू ने विशेष कला तथा सांस्कृतिक परियोजनाओं की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि अपने समुदाय को जीवित रखने के लिए संगीत, रंगमंच, साहित्य और प्रकाशन जैसे विभिन्न माध्यमों के जरिए कश्मीरी पंडितों की परंपरागत संस्कृति के प्रति जागरूकता और समझ पैदा करने की जरूरत है। ओकलोहामा निवासी तथा अंतरराष्ट्रीय संक्रामक रोग सोसायटी के प्रशांत मामलों के निदेशक डा. अनिल कौल संगठन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समान भारतीय तथा विदेशी संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे। संगठन दुनियाभर में कश्मीरी हिंदुओं के योगदान को बढ़ावा और प्रोत्साहन देने के साथ ही मुश्किलों का सामना कर रहे समुदाय के सदस्यों के जीवन स्तर में सुधार के लिए काम करेगा।  आगे..
लंदन में भारतीय वृध्द पर हमला.
लंदन। लंदन में रहने वाले एक सेवानिवृत्त भारतीय वृध्द इकराम हक को एक नस्ली हमले में उसकी तीन वर्षीय पौत्री के सामने जमीन पर पटक पर बुरी तरह पीटा गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने 67 वर्षीय इकराम हक के परिवार को बताया कि उनके जीवित बचने की संभावना क्षीण है। रविवार रात से उन्हें वेंटीलेटर (कृत्रिम श्वसन प्रणाली) पर रखा गया तथा उनके परिजनों एवं मित्रों ने अंतिम विदाई तक दे दीहै। पुलिस इस मामले को बुजुर्ग एशियाई नागरिकों पर नस्लीय हमलों की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस के अनुसार हमलावर भी अश्वेत थे और उनकी आयु 12 वर्ष के आस-पास थी। कोलकाता के रहने वाले इकराम हक दक्षिण पश्चिमी लंदन में टूटिंग की एक मस्जिद में नमाज पढ़ कर लौट रहे थे। उसी दौरान लिफ्ट का इंतजार करते समय इन हमलावर नवयुवकों ने उन्हें घेर लिया उन्हें गिरा कर सिर पर वार किया और भाग निकले।  आगे..
चीनी सैनिकों की घुसपैठ को लेकर सरगर्मी बढ़ी
भारत-चीन सीमा पर चिंता नहीं : कृष्णा चीन ने खबरों को निराधार बताया नई दिल्ली। चीनी सेना द्वारा भारत के लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ को लेकर सोमवार को दोनों देशों के राजनयिक और सैन्य क्षेत्रों में काफी सरगर्मी रही। पेईचिंग में चीन के विदेश मंत्रालय ने समाचार माध्यमों के लिए जारी वक्तव्य में भारत में चीन की घुसपैठ की खबरों को निराधार बताया और कहा कि ये खबरें दरअसल उन घटनाओं पर आधारित हैं जो घटित ही नहीं हुईं। चीन इस मुद्दे को भारत के साथ शांतिपूर्ण और दोस्ताना तरीकों से आपसी समझ और निष्पक्षता के आधार पर सुलझाना चाहता है। चीन में भारत के नव नियुक्त राजदूत एस जयशंकर ने भी पईचिंग में चीनी सेना की लद्दाख में घुसपैठ की खबरों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने चीन के सरकारी अखबार 'चाइना डेली' से बातचीत में कहा कि इन खबरों की मूल धारणा में ही गड़बड़ी है, इसलिए इन्हें बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। जयशंकर ने इस मामले में भारतीय मीडिया की भी कुछ आलोचना की। इधर नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने भी भारतीय सीमा में चीन के अतिक्रमण की खबरों को दरकिनार करते हुए कहा कि भारत-चीन सीमा को लेकर चिन्ता की कोई बात नहीं हैे। सीमा पर शांति है। ऐसे मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच निश्चित प्रक्रिया मौजूद है, लेकिन भारतीय सैन्य सूत्रों ने आज भी स्पष्ट किया कि चीनी सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा की भारतीय अवधारणा के हिसाब से अकेले अगस्त महीने में ही 26 बार अतिक्रमण किया है। सेना के सूत्रों ने कहा कि लद्दाख, तिब्बत और हिमाचल के त्रिकोण पर 31 जुलाई की जिस घटना को लेकर तूल दिया जा रहा है वह भारतीय सेना के लिए बीती बात हो चुकी है और चुमुर क्षेत्र में पत्थरों पर किया गया लाल रंग भी मिटाया जा चुका है। हमेशा की तरह इन घटनाओं को भी सीमा सैन्य कर्मियों की बैठक में उठाया जाएगा। अगस्त में चीनी सेना द्वारा 26 बार अतिक्रमण करने की बात ऐसे समय सामने आई है जब चीन के एक हेलीकॉप्टर के भारतीय क्षेत्र में आने और माउंट ग्या क्षेत्र में 31 जुलाई को डेढ़ किलोमीटर तक भीतर आकर पत्थरों पर लाल रंग से पेंट करने की घटना के कारण बवाल मचा हुआ है।  आगे..
रूसी छात्रों ने प्रतिभा पाटिल का मन मोहा.
सेंट पीट्सबर्ग। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने हिंदी और भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत की शिक्षा देने वाले एक रूसी स्कूल की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती का प्रतीक बताया है। यह स्कूल अपने पाठयक्रम के तहत बच्चों को यह शिक्षा देता है। राष्ट्रपति यहां स्कूल संख्या 653 के बच्चों द्वारा शनिवार रात हिंदी में प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर आश्चर्यचकित रह गईं। संयोग से यह कार्यक्रम उस दिन पेश किया गया जब भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता था। रूसी छात्रों ने कार्यक्रम की शुरुआत भरतनाटयम की प्रस्तुति से की। उसके बाद उन्होंने हिंदी गीत 'एक तू ही भरोसा, एक तू ही सहारा' और एक राजस्थानी लोक नृत्य भी पेश किया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान हमारे उन महान नेताओं को श्रध्दांजलि है जिन्होंने यह स्कूल स्थापित करने का निर्णय किया जो आज तक भारत-रूस मैत्री का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से रूस को अपना सच्चा दोस्त मानता रहा है। सराहना के प्रतीक के तौर पर प्रतिभा ने स्कूल को किताबें, कंप्यूटर साफ्टवेयर और डिजीटल प्रोजेक्टर देने की घोषणा की। इस स्कूल की स्थापना भारत की आजादी की दसवीं वर्षगांठ के मौके पर 1957 में की गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सोवियत संघ की आधिकारिक यात्रा और उसके जवाब में सोवियत संघ के महासचिव निकिता ख्रुश्चोव की भारत यात्रा के बाद स्कूल की स्थापना का निर्णय किया गया था। यह रूस के पश्चिमोत्तर में एकमात्र स्कूल है जहां छात्रों को कक्षा दो से हिन्दी पढ़ाई जाती है। भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य भी स्कूली पाठयक्रम का हिस्सा है। सेंट पीट्सबर्ग की शनिवार को अपनी दिनभर की यात्रा के दौरान प्रतिभा ने विश्व प्रसिध्द हरमिटेज संग्रहालय का भी दौरा किया जिसमें 30 लाख से ज्यादा कलाकृतियां रखी हैं। उनमें पेंटिंग, ग्राफिक्स, शिल्प और कला अनुप्रयोग की कृतियां, पुराधरोह और प्राचीन सिक्के शामिल हैं। हरमिटेज की मुख्य वास्तु धरोहरो में विंटर पैलेस शामिल है जो रूसी शासकों का पूर्व राजकीय आवास है।  आगे..
अलकायदा ने कादिर खान से सम्पर्क किया था.
वाशिंगटन। आतंकियों द्वारा पाकिस्तान के परमाणु हथियार हासिल करने संबंधी आशंकाओं के बीच अमेरिकी कांग्रेस की एक नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन ने पाक परमाणु वैज्ञानिक ए. क्यू खान के नेटवर्क से संपर्क के लिए अपने दूत भेजे थे। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस सीआरएस ने पाकिस्तान्स न्यूक्लियर विपन्स प्रोलिफेरेशन एंड सिक्योरिटी इश्यूज पर अपनी रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण में कहा है कि अलकायदा खान के नेटवर्क से भी मदद मांग चुका है। सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र अनुसंधान इकाई है जो सांसदों के लिए चिंताजनक मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करती है। सेंट्रल इंटेलीजेंस के पूर्व निदेशक जार्ज टेनेट के अनुसार, अमेरिका को खुफिया सेवा के जरिए सूचना मिली कि 1998 में ओसामा बिन लादेन ने खान के नेटवर्क से संपर्क स्थापित करने के लिए अपने दूत भेजे थे। सीआरएस की रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य पाकिस्तानी स्रोत भी आतंकी संगठनों को परमाणु सामग्री मुहैया करा सकते हैं। सीआरएस ने आरोप लगाया है कि 1970 के दशक में पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को विकसित करने के लिए गुप्त नेटवर्कों का इस्तेमाल किया। कई पर्यवेक्षक चिंता जता चुके हैं कि अन्य देश या आतंकी संगठन पाकिस्तान से परमाणु हथियारों से संबंधित सामग्री या विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।   आगे..

Click to Read More News: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11