
नीरज नैयर इकबाल मिर्ची की लंदन में गिरफ्तारी के बाद भारत को आशा की किरण नजर आ रही है। सरकार को उम्मीद है कि मिर्ची को भारत लाया जा सकेगा, विदेश मंत्रालय ने इसकी कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। मिर्ची वर्ष 1993 के मुबई धमाकों का आरोपी है, इसके अलावा भी कई मामलों में [...]
Oct 18 2011 | Posted in
Samayik Agralekh |
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मनोज सिंह भोपाल से चलकर ट्रेन जबलपुर सुबह पांच बजे पहुंचा करती थी। घर रेलवे स्टेशन के नजदीक था। इसके बावजूद सामान साथ होने के कारण अमूमन रिक्शा करना पड़ता। हल्का बैग होने पर कई बार पैदल भी चला जाता था। कॉलेज में छुट्टियां साल में दो बार होती थीं और इस तरह से तकरीबन [...]

अवधेश कुमार संयुक्त राष्ट्र महासभा का सालाना अधिवेशन अतंरराष्ट्रीय नीति निर्धारण की दृष्टि से भले ही अपने प्रतिनिधित्व के विपरीत निष्प्रभावी हो, पर इसमें इसके ज्यादातर सदस्य देशों के शीर्षतम नेतृत्व की उपस्थिति इसके महत्व को साबित करने के लिए पर्याप्त है। इस समय भी यही एकमात्र संस्था है जिसे हमें वाकई विश्व की प्रतिनिधि [...]

अवधेश कुमार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य चुनाव प्रभारी शंकरसिंह वाघेला का अनशन बनाम अनशन का ऐसा राजनीतिक तमाशा देश ने पहली बार देखा। मोदी ने तीन दिवसीय अनशन किया तो वाघेला ने उनसे दो घंटा ज्यादा। हां, मोदी ने अनशन पर बैठने की घोषणा पहले की और [...]
Sep 22 2011 | Posted in
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अवधेश कुमार चार महीने में दूसरी बढ़ोत्तरी! 15 मई को पेट्रोल पांच रुपए महंगा किया गया था। जून 2010 में सरकार ने पेट्रोल मूल्य को नियंत्रण मुक्त किया था। तब से यह नौंवी बढ़ोत्तरी है। तब से अब तक लगभग 19 रुपए की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। महंगाई की मार से छटपटाती जनता के लिए [...]

अशोक त्रिपाठी कोई भी अपने अधिकार आसानी से नहीं छोड़ देता इसीलिए केन्द्र सरकार के प्रस्तावित साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक पर राज्यों की एक भी सरकार सहमत नहीं दिखी। कांग्रेस शासित राज्य भले ही चुप हैं क्योंकि उनकी मजबूरी हो सकती है लेकिन यूपीए के सहयोगी भी इस मामले में विपक्ष के साथ खड़े हो [...]
Sep 17 2011 | Posted in
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अवधेश कुमार उच्चतम न्यायालय का आदेश स्पष्ट है- गुजरात दंगों के मामले पर गठित विशेष जांच दल या सिट अपनी रिपोर्ट अहमदाबाद के निचले न्यायालय में दायर करे। न्यायालय ने अपने आदेश में यही कहा कि निचला न्यायालय कानून के अनुसार अपील पर विचार करेगा। सामान्य तौर पर देखें तो उच्चतम न्यायालय का फैसला न्याय [...]
Sep 15 2011 | Posted in
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अवधेष कुमार दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने हुआ विस्फोट सुनियोजित साजिश का हिस्सा था इसमें संदेह की रत्ती भर भी गुंजाइश नहीं रह गई है। दिन, स्थान, समय और विस्फोटक के किस्म सभी भयानक साजिश की पुष्टि करते हैं। वास्तव में पूर्व योजना की सफलता के कारण ही आतंकवादी राजधानी में 13 सितंबर 2008 के [...]

प एच.ए. सिद्दीकी मानव रूपी गाड़ी को दो पहियों पर चलाया जाता है। स्त्री और पुरुष मानव गाड़ी के दो पहियों के समान हैं। यदि समाज एक सिक्का है तो स्त्री और पुरुष उसके दोनों पहलू हैं। समाज की गाड़ी को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन दो पहियों का बराबर होना अति आवश्यक [...]

- अवधेश कुमार -पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के षड्यंत्र में संलिप्त तीन दोषियों को फांसी दिए जाने को लेकर जो राजनीतिक बावेला मचा है, उसे क्या नाम दिया जाए, इसके लिए शब्द ढूंढना मुश्किल है। राष्ट्रपति द्वारा तीनों दोषियों मुरुगन, संथन, पेरारिवलन की दया याचिकाएं रद्द होने के बाद से ही तमिलनाडु में [...]