
शांतिप्रिय पंडित जवाहर लाल नेहरू की बेटी का परिवार इस देश की राजनीति में रच-बस गया है। इसी परम्परा को राहुल गांधी भी निभा रहे हैं। सच कहा जाए तो राहुल गांधी उतना नहीं कर रहे या कह रहे जितना उनको लेकर दूसरे कहते हैं। अभी 10 दिसम्बर को दिल्ली में अन्ना हजारे ने राहुल [...]
Dec 15 2011 | Posted in
Samayik Agralekh |
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अवधेश कुमार पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बीमारी ने अगर सेना द्वारा तख्ता पलट या उनके द्वारा इस्तीफा दिए जाने की अटकलों को परवान चढ़ाया, तो उसमें ‘आश्चर्य या अस्वाभाविक’ जैसा कुछ नहीं है। वह ऐसा देश है, जहां राजनीतिक कारणों से सेना द्वारा नागरिक सरकार को पलटकर सत्ता हथियाने की लंबी परंपरा [...]

बजरंगलाल अग्रवाल चाहे टीवी देखिए अथवा अखबार, गरीबी रेखा की चर्चा अवश्य मिलेगी और एकपक्षीय मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट में योजना आयोग ने शपथ-पत्र देकर कहा है कि सरकार की नजर में गरीबी रेखा का मापदण्ड गांव में छब्बीस रुपए तथा शहर में बत्तीस रुपए होना चाहिए। योजना आयोग के इस सुझाव पर चारों ओर से [...]
Nov 12 2011 | Posted in
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नीरज नैयर लीबिया के साथ-साथ पश्चिमी देश भी मोहम्मर गद्दाफी की मौत के बाद से जश्न में डूबे हैं। अभी तक लीबिया की सड़कों पर बंदूकधारी हवा में गोलियां चलाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। कैमरा देखकर उनकी खुशी एवं उत्साह और भी बढ़ जाता है। वे गर्व के साथ बताते हैं कि [...]

नीरज नैयर इकबाल मिर्ची की लंदन में गिरफ्तारी के बाद भारत को आशा की किरण नजर आ रही है। सरकार को उम्मीद है कि मिर्ची को भारत लाया जा सकेगा, विदेश मंत्रालय ने इसकी कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। मिर्ची वर्ष 1993 के मुबई धमाकों का आरोपी है, इसके अलावा भी कई मामलों में [...]
Oct 18 2011 | Posted in
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मनोज सिंह भोपाल से चलकर ट्रेन जबलपुर सुबह पांच बजे पहुंचा करती थी। घर रेलवे स्टेशन के नजदीक था। इसके बावजूद सामान साथ होने के कारण अमूमन रिक्शा करना पड़ता। हल्का बैग होने पर कई बार पैदल भी चला जाता था। कॉलेज में छुट्टियां साल में दो बार होती थीं और इस तरह से तकरीबन [...]

अवधेश कुमार संयुक्त राष्ट्र महासभा का सालाना अधिवेशन अतंरराष्ट्रीय नीति निर्धारण की दृष्टि से भले ही अपने प्रतिनिधित्व के विपरीत निष्प्रभावी हो, पर इसमें इसके ज्यादातर सदस्य देशों के शीर्षतम नेतृत्व की उपस्थिति इसके महत्व को साबित करने के लिए पर्याप्त है। इस समय भी यही एकमात्र संस्था है जिसे हमें वाकई विश्व की प्रतिनिधि [...]

अवधेश कुमार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य चुनाव प्रभारी शंकरसिंह वाघेला का अनशन बनाम अनशन का ऐसा राजनीतिक तमाशा देश ने पहली बार देखा। मोदी ने तीन दिवसीय अनशन किया तो वाघेला ने उनसे दो घंटा ज्यादा। हां, मोदी ने अनशन पर बैठने की घोषणा पहले की और [...]
Sep 22 2011 | Posted in
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अवधेश कुमार चार महीने में दूसरी बढ़ोत्तरी! 15 मई को पेट्रोल पांच रुपए महंगा किया गया था। जून 2010 में सरकार ने पेट्रोल मूल्य को नियंत्रण मुक्त किया था। तब से यह नौंवी बढ़ोत्तरी है। तब से अब तक लगभग 19 रुपए की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। महंगाई की मार से छटपटाती जनता के लिए [...]

अशोक त्रिपाठी कोई भी अपने अधिकार आसानी से नहीं छोड़ देता इसीलिए केन्द्र सरकार के प्रस्तावित साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक पर राज्यों की एक भी सरकार सहमत नहीं दिखी। कांग्रेस शासित राज्य भले ही चुप हैं क्योंकि उनकी मजबूरी हो सकती है लेकिन यूपीए के सहयोगी भी इस मामले में विपक्ष के साथ खड़े हो [...]
Sep 17 2011 | Posted in
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