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स्थापित हुई 36 फीट ऊंची प्रतिमा

 

बेंगलूर। शहर के अडकमारनहल्ली क्षेत्र में बने श्री मारुति साईं धाम मंदिर प्रांगण में रविवार को पूरे विधिविधान से एक ही शिला पर बनी 36 फीट ऊंची हनुमानजी की पाषाण प्रतिमा की स्थापना पूजा की गई। प्रात: 10 बजे पूरा मंदिर प्रांगण श्रध्दालुओं से भरा हुआ था । सभी हनुमानजी की प्रतिमा की स्थापना के साक्षी बनने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आए थे। पूरा प्रांगण 'हनुमानजी की जय', 'वीर हनुमाना, अतुलित धामा' और हनुमान चालीसा की गूंज से गुंजायमान हो रहा था। उचित मुहूर्त में श्री आदिचुनचुनगिरि से आए श्री सौम्यनाथ स्वामीजी की पावन निश्रा में हनुमानजी की प्रतिमा के मंच आरोहण के उपलक्ष्य में आयोजित स्थापना पूजा का विधिविधान मुख्य ट्रस्टी जुगराज सोलंकी, मदनलाल सोलंकी, बाबूलाल रायसोनी एवं नरपतसिंह चौरड़िया द्वारा कराया गया । विधिवत् पूजा के बाद उपस्थित लोगों ने स्वयं अपने हाथों से भगवान हनुमान का चरण अभिषेक कर स्थापना पूजा में भागीदार बने। इस स्थापना पूजा के साथ निर्माणधीन मंदिर का अति महत्त्वपूर्ण प्रथम चरण सम्पन्न बिना किसी व्यवधान के पूर्ण हुआ। इस अवसर पर श्री सौम्यनाथ स्वामीजी ने कहा, इस मंदिर के निर्माण एवं विशेष आकार एवं ऊंचाई की प्रतिमा का निर्माण कर उसको स्थापित कर ट्रस्ट ने भक्ति एवं श्रध्दा के क्षेत्र में एक अनूठा अध्याय जोड़ा है जिसके लिए मंदिर निर्माताओं की स्वामीजी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्थापना समारोह में धाम के चेयरमैन जुगराज सोलंकी ने सभी आगुंतुकों का स्वागत करते हुए मंदिर एवं प्रतिमा के निर्माण एवं स्थापन की रोचक जानकारी दी। उन्होंने श्रध्दालुओं की प्रतिमा एवं उसके मंच आरोहण के प्रति जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विस्तार से विवरण दिया। इस अवसर पर मूर्ति शिल्पकारों, इंजीनियरों, कारीगरों एवं अन्य सहयोगियों का सम्मान किया गया। संगीतकार पूरणभाई एवं उनके सहयोगियों ने अपने गीत संगीत की बेहतरीन प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मदनलाल सोलंकी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनोहर भारती ने किया।  


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