osama bin laden
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नई दिल्ली। आज 11 सितंबर है। अमेरिका के इतिहास में यह कभी न भूलने वाला दिन है, क्योंकि आज ही के दिन ओसामा बिन लादेन के आतंकी संगठन अल कायदा के दहशतगर्दों ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर स्थित ट्विन टावर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमला किया था। उसमें करीब 3,000 लोग मारे गए थे। इतिहास में यह घटना 9/11 के नाम से जानी जाती है। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाया और हमले के असली सूत्रधार ओसामा बिन लादेन को मार गिराया।

ओसामा का खात्मा 2 मई, 2011 को अमेरिकी सील कमांडो द्वारा पाकिस्तान के एब्टाबाद में किया गया। ये दोनों ही घटनाएं पूरे विश्व में खासी चर्चित रहीं, पर एक शख्स ऐसा भी है जिसका जिक्र बहुत कम हुआ। दरअसल ओसामा के खात्मे के पीछे उसका अहम किरदार है।

उस शख्स का नाम है डॉ. शकील अफरीदी। उनकी बदौलत अमेरिका को मालूम हुआ था कि ओसामा कहां छुपा हुआ है। 9/11 हमले के बाद अमेरिका पूरी ताकत से ओसामा को ढूंढ़ने लगा। विभिन्न रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका के सैटेलाइट पाकिस्तान और अफगानिस्ता पर विशेष निगरानी रखे हुए थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एजेंट इन दोनों देशों में यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर ओसामा कहां गया।

सीआईए के एजेंटों और सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के मुताबिक, पाकिस्तान के एब्टाबाद में स्थित एक विशाल हवेली काफी संदिग्ध लग रही थी। यहां रहने वाले लोग बहुत कम बाहर आते और दूसरों से खास संपर्क नहीं रखते। उनकी उर्दू अच्छी नहीं थी। कभी-कभार एक शख्स जरूर आया करता था। बाद में मालूम हुआ कि यह ओसामा का घर था। यहां आने वाला शख्स उसका संदेशवाहक था जो अल कायदा तक उसके निर्देश पहुंचाता था।

dr shakil afridi
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सैटेलाइट तस्वीरों, खुफिया रिपोर्ट और कई तरह के सबूतों के बावजूद अमेरिका संतुष्ट नहीं हुआ। उसने एक और कोशिश की। इसके लिए डॉ. शकील अफरीदी बहुत काम आए। एब्टाबाद के इस इलाके में सीआईए ने एक फर्जी चिकित्सा अभियान चलाया। कहा गया ​कि यह हैपेटाइटिस-बी की रोकथाम के लिए है। लोगों को दिखाने के लिए कई घरों से नमूने लिए गए। इसी सिलसिले में मेडिकल टीम ओसामा के घर तक पहुंच गई। वहां से भी नमूने लिए गए। उन नमूनों का डीएनए टेस्ट किया गया तो यह शक पुख्ता यकीन में बदल गया कि ओसामा का परिवार इस हवेली में रहता है और यही वह दुर्दांत आतंकी छुपा बैठा है।

पूरी रिपोर्ट के बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लादेन को मार गिराएं। उनके हुक्म का पालन करते हुए अमेरिकी नेवी सील के एक दल ने अफगानिस्तान से विशेष हेलिकॉप्टरों में उड़ान भरी और एब्टाबाद पहुंचकर ओसामा का खात्मा कर दिया। उसकी लाश को दफनाया नहीं गया, बल्कि समुद्र में डुबो दिया गया ताकि उसका कहीं कोई नामोनिशान न रह जाए।

ओसामा का वही अंजाम हुआ जो एक आतंकी का होना चाहिए। 9/11 की घटना के बाद अमेरिका ने अपनी सुरक्षा के लिए बहुत सख्ती बरती। इस वजह से वहां फिर 9/11 जैसा कोई बड़ा हमला नहीं हुआ। ओसामा के मारे जाने से तिलमिलाए पाकिस्तान ने डॉ. शकील अफरीदी को जेल में डाल दिया।

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