गुजरात में जीत का नुस्खा जानना चाहते हैं राहुल


अहमदाबाद। गुजरात में 17 वर्ष से सत्ता से बेदखल कांग्रेस इस बार का विधानसभा चुनाव जीतने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी के तहत पार्टी के महासचिव राहुल गांधी राज्य के उन कांग्रेसी नेताओं से मुलाकातें कर रहे हैं, जो कि पार्टी विरोधी लहर के बावजूद लगातार जीतते आ रहे हैं। बताया जाता है कि वह इन नेताओं से जीतने का नुस्खा जानने के साथ चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को भी टटोल रहे हैं। हालांकि यहां कुछ मुस्लिम नेता ऐसे भी हैं जो वरिष्ठ होने और जीतने के बावजूद राहुल के याद नहीं करने से व्यथित हैं। आगामी नवंबर-दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार में राहुल गांधी के उतरने की पूरी संभावनाएं हैं। कांग्रेस अपनी पूर्ववर्ती गलतियों से बचने की भी भरपूर कोशिश कर रही है, इसलिए गुजरात में आने वाले नेताओं का चयन भी बड़ी सावधानी से किया जा रहा है। नेताओं के साथ गुजरात से जुड़े स्वच्छ छवि के पार्टी प्रबंधकों को चुनाव प्रचार में उतारा जा सकता है। इस कड़ी में आगामी 16 सितंबर को भारत में सूचना क्रांति के जनक सैम पित्रोदा युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में खास तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को बुलाया गया है। चूंकि मोदी खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं और पित्रोदा भी इसी समाज से है इसलिए कांग्रेस मोदी की युवा यात्रा के दौरान इस वर्ग के युवा मतदाताओं को अपने साथ रखना चाहती है। कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश की मानें तो खुद कांग्रेस के रणनीतिकार गुजरात विस चुनाव को लेकर राहुल गांधी पर फोकस करने से बच रहे हैं। जबकि प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि राहुल राष्ट्रीय नेता हैं और वक्त आने पर गुजरात प्रचार के लिए आएंगे। उनके मुताबिक राहुल गांधी काफी पहले से गुजरात के नेताओं से संपर्क में हैं। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक फारुख शेख का कहना है कि वह लगातार जीतते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक राहुल गांधी की ओर से कोई फोन नहीं आया।

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Posted by on Sep 15 2012. Filed under दक्षिणांचल. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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