फिर पलटे येड्डीयुरप्पा


बेंगलूर। राज्य में भाजपा को थोड़ी राहत देते हुए असंतुष्ट पार्टी नेता बीएस येड्डीयुरप्पा ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। हालांकि उन्होंने 70 विधायकों का समर्थन होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा पर हमला जारी रखा। 70 वर्षीय येड्डीयुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, विधायकों के दबाव और वरिष्ठ पार्टी नेता अरुण जेटली की अपील पर मैंने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को टाल दिया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा येड्डीयुरप्पा के मुख्यमंत्री रहते प्रदेश में हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिए जाने के बाद पिछले कुछ दिन से उन्होंने बागी तेवर अपना रखे थे। उन्होंने प्रदेश में संकट के लिए मुख्यमंत्री गौड़ा के साथ पार्टी महासचिव अनंत कुमार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा को भी जिम्मेदार ठहराया। येड्डीयुरप्पा ने दावा किया कि 40 से ज्यादा विधायकों ने उन्हें अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं वहीं कई अन्य ने फोन पर अपना समर्थन जताया है। मुख्यमंत्री गौड़ा पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह (गौड़ा) उनका अपमान कर रहे हैं और जेडीएस के नेताओं के साथ मेलजोल बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि येड्डीयुरप्पा ने ही पद छोड़ने की स्थिति में अपने उत्तराधिकारी के तौर पर सदानंद गौड़ा का नाम आगे बढ़ाया था। फिर से मुख्यमंत्री पद पाने की बार बार कोशिश कर रहे येड्डीयुरप्पा ने अनंतकुमार को भी आड़े हाथों लेते हुए उन पर आरोप लगाया कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के मन में उनके बारे में दुर्भावनापूर्ण विचार ला रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की और नहीं बनने देने की बार बार कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाने की अपनी मांग दोहराई जो पिछले साल अगस्त में गौड़ा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से नहीं हुई है। लोकायुक्त जांच में अवैध खनन के लिए जिम्मेदार ठहराये जाने के बाद येड्डीयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था , जिसके बाद गौड़ा ने यह पद संभाला। दक्षिण भारत में भाजपा की पहली सरकार बनाने का श्रेय पाने वाले येड्डीयुरप्पा ने कहा, मैंने अपने पसीने से पार्टी को बनाया है। उन्होंने कहा कि वह अहम स्तर पर पहुंच गये हैं जहां वह जनता के पास वापस जाएंगे और भविष्य की कार्रवाई के लिहाज से लोगों से पूछेंगे।

Be Sociable, Share!

Short URL: http://www.dakshinbharat.com/?p=4796

Posted by on May 15 2012. Filed under मुख्य सुर्खियाँ. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

You must be logged in to post a comment Login

Powered by Givontech