प्रचंड गर्मी ने खुशनुमा मौसम की फिजा बिगाड़ी


देहरादून। सुहाने मौसम, हरे भरे बागों तथा खेतों के लिए मशहूर मसूरी की तलहटी में बसे देहरादून के खुशनुमा मौसम पर प्रचंड गर्मी ने अपने आगोश में ले लिया है। अप्रैल महीने से हीं 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास के तापमान ने खासतौर पर राजधानी देहरादून के निवासियों का हाल बेहाल कर रखा है। देहरादून के मूल निवासियों तथा पिछले कई वर्षों से रह रहे लोगों का मानना है कि नव गठित राज्य उत्तराखंड की राजधानी का दर्जा प्राप्त होने के बाद से बेतहाशा बढ़ती जनसंख्या तथा पेड़ों और बागों की कटाई ने पूरे देहरादून के मौसम को बिगाड़कर रख दिया है।
देहरादून में एक समय में एयरकंडीशनर की कौन कहे कूलर तक की बहुत ही कम बिक्री हुआ करती थी, लेकिन अब अप्रैल के महीने से ही लोगों द्वारा इस शहर में एयरकंडीशनर तथा कूलर का प्रयोग करना मजबूरी बन गई है। देहरादून में पिछले 40 वर्षों से रह रही पेशे से शिक्षिका मधु गौड़ ने बातचीत में बताया कि साठ और सत्तर के दशक में उनके घरों में लोग नहाने के लिए पूरे वर्ष गर्म पानी का इस्तेमाल किया करते थे तथा पंखा भी बड़ी मुश्किल से चलाया जाता था, लेकिन आज पूरी की पूरी स्थिति बदल गई है। लगता ही नहीं है कि यह देहरादून का मौसम है बल्कि यह किसी मैदानी क्षेत्र का गर्म शहर हो गया है। गौड़ ने बताया कि देहरादून शहर में छात्राओं को अब स्कूल आने के दौरान सन बर्न से बचने के उपाय करने पड़ रहे हैं। पूरी बांह तथा चेहरे को ढककर सड़क पर चलना पड़ रहा है। एक समय में लोग तो कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि पहाडों की रानी की तलहटी में बसे देहरादून में अप्रैल महीने से ही इतनी प्रचंड गर्मी पड़ने लगेगी। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देहरादून में अप्रैल महीने की शुरुआत में दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया और यह दिन प्रतिदिन बढता ही गया। गत तीन अप्रैल को यह 34 डिग्री हो गया तथा चार अप्रैल को यह बढकर 35 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से अधिक है। डालनवाला क्षेत्र के बुजुर्ग निवासी तथा सेना से सेवानिवृत्त हुए भूपेन्द्र चौहान ने बातचीत में बताया कि उन्होंने देहरादून के खुशनुमा मौसम तथा बेहतर कानून व्यवस्था को देखकर ही पौडी से यहां बसने की सोची थी और मकान का निर्माण कराया था, लेकिन चंद वर्षों में सब कुछ बदल गया है।

Be Sociable, Share!

Short URL: http://www.dakshinbharat.com/?p=3838

Posted by on Apr 16 2012. Filed under राज्य. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

You must be logged in to post a comment Login

Powered by Givontech