मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए नया ट्रस्ट गठित

तिरुपति। वैष्णवों के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर की धरोहरों का संरक्षण करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है।
तिरुमलै तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने इसके तहत श्री वेंकटेश्वर धरोहर संरक्षण ट्रस्ट का गठन किया है। यह ट्रस्ट नए मंदिरों के निर्माण और जीर्ण-शीर्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार की परियोजनाओं के लिए आर्थिक मदद देगा। यह ट्रस्ट खास तौर से यहां दलितों, पहाड़ों पर रहने वालों और मछुआरों की बस्तियों में स्थित प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण और उनमें सुधार कार्यों पर ध्यान देगा। यही नहीं, रामानुजाचार्य की परंपरा को जिंदा रखने और उसे फलने-फूलने का मौका देने के लिए ट्रस्ट की तरफ से विभिन्न मंदिरों को पत्थर और पंचधातु से बनी भगवान वेंकटेश्वर और पद्मावती की प्रतिमाएं 90 प्रतिशत रियायती दर से उपलब्ध करवाई जाएंगी। अगर मंदिर सामान्य शहरों में हों तो उन्हें ये प्रतिमाएं प्राप्त करने के लिए 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, मठों, आश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों को ये प्रतिमाएं 50 फीसदी की सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।
टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी एलवी सुब्रमण्यम ने यहां गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा पिछले वर्ष टीटीडी ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मछुआरों की बस्तियों में विभिन्न मंदिरों के निर्माण, पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए लगभग 8 करोड़ रुपए की सहायता दी है। इस राशि से ऐसी बस्तियों में 144 मंदिरों का नवनिर्माण करवाए गए हैं।

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Posted by on Apr 13 2012. Filed under सुर्खियां. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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