यूपी विधानसभा चुनाव : कांग्रेस का बहुत कुछ दांव पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार को तीसरे और 19 फरवरी को चौथे चरण में लखनऊ, अमेठी, रायबरेली हरदोई, उन्नाव और लखीमपुरखीरी में होने वाले चुनाव में कांग्रेस का बहुत कुछ दांव पर लगा है। इन दो चरणों के चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। पार्टी के इन चार नेताओं के इलाके में बुधवार और 19 फरवरी को मतदान होना है। इनमें प्रदेश अध्यक्ष और विधानमंडल दल के नेता तो खुद प्रत्याशी भी हैं।
गांधी परिवार के दो सदस्यों के अलावा लखनऊ मंडल में धौरहरा से जितिन प्रसाद, उन्नाव से अनु टंडन और लखीमपुरखीरी से जफर अली नकवी सांसद भी हैं। कांग्रेस खासकर अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सीटें कांग्रेस जीतती रही है। विधानसभा के पिछले चुनाव में इन दो संसदीय क्षेत्र की दस सीटों में कांग्रेस की झोली में सात सीट गई थी। दिलचस्प है कि पूरे राज्य में कांग्रेस को सिर्फ 22 सीटें ही मिली थीं। अमेठी और रायबरेली की सीटों के लिए कांग्रेस इस बार भी आश्वस्त नजर आ रही हैं और प्रचार की कमान संभाले प्रियंका गांधी वाड्रा का दावा है कि पार्टी सभी दस सीटें जीतेगी। हालांकि यह आसान नहीं है क्योंकि रायबरेली सीट से पिछले चुनाव में जीते निर्दलीय अखिलेश सिंह इस बार पीस पार्टी के प्रत्याशी हैं ओर अपने इलाके में खास रसूख रखते हैं। टिकट बंटवारे को लेकर भी कांग्रेस में असंतोष है और कुछ वरिष्ठ नेता चुनाव से हट गए हैं। पार्टी को अमेठी रायबरेली में भीतरघात का भी सामना करना पड़ रहा है।
अमेठी और रायबरेली में पार्टी ने जगदीशपुर (सु) सीट को छोड़ सभी वर्तमान विधायकों को टिकट दिया है। नौ बार विधायक रहे रामसेवक ने इस बार अपने पोते राधेश्याम कनौजिया के लिए सीट छोड़ दी है।
पार्टी ने तिलोई से मोहम्मद मुस्लिम को फिर प्रत्याशी बनाया है जो पिछला चुनाव काफी कम वोट से हारे थे। अमेठी विधानसभा सीट भी अमिता सिंह की उम्मीदवारी के कारण पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। अमिता सुलतानपुर से पार्टी के सांसद संजय सिंह की पत्नी हैं। विधानसभा के लिए 2002 में हुए चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर जीती थीं । पिछला चुनाव उन्होंनें कांग्रेस के टिकट पर जीता था। लखनऊ छावनी सीट से प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी प्रत्याशी हैं। यहां 19 फरवरी को मतदान होना है। उन्होंनें लोकसभा का पिछला चुनाव भी लखनऊ सीट से लड़ा था लेकिन भाजपा के लालजी टंडन से पराजित हो गई थीं।
जोशी को तृणमूल कांग्रेस की सुरैया सिद्दीकी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरैया सिद्दीकी महिला कांग्रेस की पदाधिकारी थीं लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण वह तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी हो गई हैं। उनका मुस्लिम होना भी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहा है। राज्य की राजधानी से पार्टी के एकमात्र विधायक श्याम किशोर को भी लखनऊ पश्चिम सीट पर काफी मेहनत करनी पड़ रही है। उनके सामने भाजपा के सुरेश तिवारी हैं जो अपनी साख और काम के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ उत्तर सीट से पार्टी ने नीरज बोरा को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी ने बख्शी का तालाब सीट से सुनीता सिंह को मैदान में उतारा है जो पिछले चुनाव में महोना सीट से बहुत कम वोट से हारी थीं। सरोजनीनगर सीट से पार्टी ने युवक कांग्रेस से जुडे गौरव चौधरी को टिकट दिया है।

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Posted by on Feb 15 2012. Filed under भारत. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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