महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि

उज्जैन। भारतीय हिन्दू संस्कृति में महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव का विवाह उत्सव के रुप में मनाए जाने की प्राचीन परंपरा के तहत देश के बारह ज्योतिर्लिगों में प्रमुख प्रसिध्द महाकालेश्वर मंदिर में तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर्व 20 फरवरी को है।
महाकालेश्वर मंदिर के विशाल परिसर को विवाह मंडप के रुप में सुसज्ज्ाित किया जा रहा है और इस पर्व के मौके पर देश के विभिन्न प्रांतों से यहां अत्यधिक संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा व सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाकालेश्वर मंदिर देश का एक मात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जहां महाशिवरात्रि पर्व को नौ दिनों तक नवरात्रि महोत्सव के रुप में मनाया जाता है और नौ दिनों तक भगवान शिव (महाकालेश्वर) को दूल्हे के रुप में सजाया जाता है।
इस महोत्सव के दौरान भगवान महाकाल को नौ दिनों तक अलग अलग मुखौटे के रुप में सुसज्ज्ाित कर करोड़ों रुपए मूल्य के आभूषणों से साज सज्जा की जाती है। अष्ठ कोषात्मक पंचवृत्त एवं पंचतत्व में मंत्रों और पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और व्योम के वेद मंत्रों एवं रुद्रयंत्र, सोमयंत्र के आधार पर निर्मित महाकालेश्वर मंदिर में प्राचीनकाल में यंत्र,मंत्र और तंत्र सिध्दि के लिए प्रसिध्द हैं और महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर 11 पुजारियों द्वारा पूजा की जाती है, प्रतिदिन तड़के होने वाले भस्मार्ती वर्ष में केवल एक दिन महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन दोपहर में भस्मार्ती होती है।
आधिकारिक जानकारी में बताया कि जिला कलेक्टर डॉ. एम गीता की अध्यक्षता में विगत दिनों महाशिवरात्रि पर्व के लिए बैठक में लिए गए निर्णयानुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि दर्शनार्थियों को अधिकाधिक भगवान महाकाल के दर्शन कम समय में हो सके और पर्व पर दोपहर में होने वाली भस्म आरती प्रवेश की व्यवस्था भी बेहतर किए जाने का निर्णय लिया गया है।
मंदिर में भीड़ नियंत्रण एवं दर्शन व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के समन्वय व्यवस्था की जाएगी। दर्शनार्थियों के लिए बैरिकेट्स व पर्याप्त संख्या में क्लोज सर्किट टीवी एवं स्क्रीन प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे ताकि दर्शनार्थी लाभ ले सके। इसके अतिरिक्त पर्व पर आने वालें वृध्दों व निःशक्त लोगों के लिए व्हील चेयर आदि की व्यवस्था मंदिर के बाहर स्थित पुलिस चौकी पर की जाएगी।

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Posted by on Feb 15 2012. Filed under आस्था. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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