ऑस्ट्रेलिया से 25 साल बाद लौटा बिछड़ा बेटा

खंडवा। किस्मत भी कैसे कैसे खेल दिखाती है इसकी बानगी देखिए कि कभी रेलगाड़ियों में झाडू लगाकर भीख मांगने वाले बच्चे शेरू की तकदीर ने ऐसी करवट ली कि घर से बिछड़ कर वह ऑस्ट्रेलिया कि एक करोड़पति दंपत्ति के घर गोद चला गया और 25 साल में उसने वह सब कुछ पाया जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी लेकिन बस कमी थी तो सिर्फ अपनी माँ की। माँ की यही ममता ही उसे सात समंदर पार के महलों से अपने झोपड़े में वापस खींच लाई।
खंडवा के गणेश तलाई क्षेत्र की गरीब बस्ती में फिल्मों की तर्ज पर हुए इस वाकये ने सबको अचंभे में डाल दिया। हुआ यूँ कि फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला एक विदेशी युवक महंगा मोबाइल हैंडसेट और एक पुरानी तस्वीर हाथ में लिए फातमा बी यानी अपनी माँ का घर ढूंढ रहा था। उस युवक और फातमा का क्या सम्बन्ध है यह किसी को भी समझ नहीं आया। इस बीच लोगो ने उसे फातमा के घर पहुंचा दिया। फातमा के सामने हुए पच्चीस साल पहले बिछड़े बच्चे ने माँ को तुरंत पहचान लिया। माँ को भी बेटे को पहचानने में देर नहीं लगी। फातमा को बधाई देने वालों का ताँता लग गया। लोग सारू उर्फ शेरू को पाकर ढोल की थाप पर नाचने लगे।
माँ कमला उर्फ फातमा का कहना है, हमारे दिन अत्याधिक गरीबी में गुजरे। बच्चे भीख मांगकर पेट भरते थे। बड़ा लड़का ट्रेन से कट गया और छोटा ट्रेन से कहाँ गया पता नहीं चला। उसे बहुत ढूंढा। हम उम्मीद खो चुके थे। यह तो ऊपर वाले की ही मेहरबानी है कि बेटा इतने साल बाद भी लौट आया। लगता है सारी नेमत सारी दुनिया की दौलत मुझे मिल गई है।

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Posted by on Feb 15 2012. Filed under मुख्य सुर्खियाँ, स्वास्थ्य. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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