कर्नाटक के शिक्षा मंत्री वीएस आचार्य का निधन

बेंगलूर। उच्चतर शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता डॉ. वीएस आचार्य का 73 वर्ष की उम्र में मंगलवार को यहां निधन हो गया। वे अपनी मृत्यु से ठीक पूर्व आज कर्नाटक राज्य शासकीय कॉलेज प्रिंसिपल मंच द्वारा शासकीय कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। वे अचानक से कार्यक्रम स्थल पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज शुरू किए जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिवार में उनकी पत्नी शांता वी आचार्य और दो पुत्र डॉ. रविराज वी आचार्य और डॉ. किरण केवी आचार्य हैं।
उनके निधन पर कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज, केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अनंतकुमार, उडुपी श्रीकृष्ण मठ के महंत विश्वेशतीर्थ स्वामीजी, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येड्डीयुरप्पा, फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके कामों की प्रशंसा की है।
नई दिल्ली की यात्रा पर गए राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा है, ‘मुझे अत्यंत दुख के साथ पता चला कि डॉ. आचार्य अब हमारे साथ नहीं हैं। मैं उन्हें एक शिक्षित और दूरदृष्टि संपन्न व्यक्ति के रूप में जानता रहा हूं। राज्य ने उनके निधन से एक क्षमतावान नेता को खो दिया है।’ कॉर्पोरेट मामलों के केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘मैंने अपना एक अच्छा मित्र खो दिया। वे मेरे शुभचिंतक भी थे। मैं सोमवार को मेंगलूर में कर्नाटक निर्यातक सम्मेलन में उनके साथ एक ही मंच पर था। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मौत उन्हें इस तरह एकाएक हम सबके बीच से छीन ले जाएगी।’अपने शोक संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि डॉ. आचार्य की मौत के साथ ही राज्य और पूरे देश ने एक ईमानदार नेता खो दिया है। उन्हें सरलता और काम के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता था। उनकी मौत हम सबके लिए एक बड़ी क्षति है।
पेजावर मठ के विश्वेशतीर्थ स्वामीजी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. आचार्य इस प्रकार के व्यक्ति थे, जो सामाजिक गतिविधियों का नेतृत्व करने में विश्वास करते थे। वे मानव मल को आदमी द्वारा उठाए जाने का सबसे पहले विरोध किया था। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येड्डीयुरप्पा ने अपने संदेश में डॉ. आचार्य की मौत पर गहरा सदमा जताते हुए कहा कि उनके निधन से वे खुद को चोटिल महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘वे न सिर्फ मेरे मित्र थे, बल्कि वे मेरे शुभचिंतक भी थे।’
गौरतलब है कि डॉ. आचार्य ने येड्डीयुरप्पा मंत्रिमंडल में राज्य के गृहमंत्री के रूप में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनकी मौत से राज्य ने एक सक्षम नेता को खो दिया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्दरामैया ने डॉ. आचार्य के निधन पर जारी किए गए अपने बयान में कहा, ‘वे एक आदर्श राजनेता थे। उनके निधन से मैं आहत हूं।’
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के शिव षन्मुगम ने डॉ. आचार्य के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व के कारण कर्नाटक ने नई ऊंचाइयां छूने में सफलता हासिल की। एफकेसीसीआई के कई कार्यक्रमों में उनकी शालीन उपस्थिति को यह संगठन हमेशा याद करेगा। डॉ. आचार्य के साथ इस संगठन के संबंध हमेशा उत्कृष्ट रहे।
ईसाई धर्मगुरु रेवरेंड बर्नार्ड मोरास ने उनके अचानक हुए निधन पर शोक जताते हुए याद किया, ‘मात्र दो दिन पहले डॉ. आचार्य ने मेंगलूर में ईसाई धर्मप्रचारकों द्वारा आयोजित 125 वें वार्षिकोत्सव में भाग लिया था। वे पिछले कई दशकों से राजनीति से जुड़े रहकर आम आदमी की काफी सेवा की थी। कर्नाटक के सभी चर्चों और बिशपों की तरफ से उनके परिजनों के लिए मैं अपने हृदय की संवेदना जताता हूं। जीवन ईश्वर का उपहार है और हम अपनी मौत के साथ यह उपहार उन्हें वापस सौंप देते हैं।’

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Posted by on Feb 14 2012. Filed under मुख्य सुर्खियाँ, राष्ट्रीय. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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