धूम्रपान बनाता है मूर्ख

लंदन। धूम्रपान छोड़ने के लिए एक कारण और है। वह यह कि इसका सेवन बुध्दि हर लेता है। एक नया अध्ययन बताता है कि अक्ल के लिए धूम्रपान घातक है खासकर इसका सेवन करने वाले पुरुषों के लिए। अध्ययन की खास बात यह है कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं में बुध्दि का इस तरह क्षरण नहीं होता।
प्रमुख लेखक यूनिवर्सिटी कालेज लंदन के सेवराइन साबिया के अनुसार, हम इस बात से वाकिफ थे कि धूम्रपान फेफड़े की बीमारी कैंसर तथा दिल की बीमारी के लिए जोखिम है लेकिन यह अध्ययन दर्शाता है कि इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है और इसका असर अक्सर 45 साल की उम्र में सामने आने लगता है। लगातार धूम्रपान करने वाले ही नहीं बल्कि कभी कभार इसका सेवन करने वालों पर भी प्रभाव बराबर पड़ता है। यह इस बात की महत्ता दर्शाता है कि धूम्रपान से तौबा कर लेनी चाहिए। अपने अध्ययन के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने करीब 6000 पुरुषों और 2100 महिलाओं के 25 साल की अवधि में धूम्रपान की आदत का विश्लेषण किया। इसमें धूम्रपान की मौजूदा स्थिति तथा अतीत की लत का विश्लेषण कर उनकी याददाश्त शब्द ज्ञान तथा तार्किक ज्ञान को परखा गया।

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Posted by on Feb 11 2012. Filed under मुख्य सुर्खियाँ. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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