किसी पार्टी के खिलाफ प्रचार नहीं करेगी टीम अन्ना

रालेगण सिध्दी। हजारे पक्ष ने पांच प्रदेशों में होने जा रहे चुनाव में किसी भी पार्टी के खिलाफ प्रचार नहीं करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि हजारे पक्ष ने कांग्रेस विरोधी रुख पर हुए विभाजन के चलते यह फैसला किया है।
हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने हजारे से उनके आवास पर मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को बताया, कोर समिति की बैठक में इस बात पर आम सहमति बनी कि हमें सभी पांच प्रदेशों का दौरा करना चाहिए, पर किसी पार्टी के खिलाफ प्रचार नहीं करना चाहिए। अन्ना जी ने अपना यह मत रखा और अब हम किसी पार्टी विशेष के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे। हजारे पक्ष की कोर समिति ने सोमवार को दिल्ली में बैठक की थी।
हजारे पक्ष में इस बात को लेकर असमंजस कायम है कि अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर समेत हजारे पक्ष का एक धड़ा इस आंदोलन के तहत लोकपाल मुद्दे पर केवल कांग्रेस को निशाना बनाने के खिलाफ है। हालांकि मेधा कल की बैठक में शामिल नहीं हुईं, पर उन्होंने इस संबंध में एक नोट भेजा। केजरीवाल और प्रशांत भूषण समेत हजारे पक्ष के कई सदस्यों ने आज हजारे से मुलाकात करके उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। हजारे को हाल ही में पुणे के अस्पताल से छुट्टी मिली है। हजारे पक्ष के सदस्यों ने इस दौरान उन्हें कोर समिति की बैठक के बारे में भी जानकारी दी। बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि आगे की रणनीति पर अंतिम फैसला हजारे पर छोड़ दिया जाए। केजरीवाल ने बताया कि हजारे अब भी बहुत बीमार हैं और उनके पूरी तरह से ठीक होने के बाद ही इस बारे में फैसला होगा कि वह पांच प्रदेशों की यात्रा के दौरान दूसरे सदस्यों के साथ मौजूद रहेंगे या नहीं। बहरहाल, हजारे पक्ष इन पांच प्रदेशों में लोकपाल विधेयक के बारे में जागरुकता फैलाएगा ।

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Posted by Dakshin Bharat on Jan 11 2012. Filed under Home Slider. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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