maa durga
maa durga

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 10 अक्टूबर, 2018 (बुधवार) से हो रहा है। पंचांग के अनुसार, घट स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रात: 06:22 से 07:25 बजे तक है। इसके बाद आप विधि-विधान के अनुसार माता की पूजा कर सकते हैं। इन नवरात्र में मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आ रही हैं। वहीं उनका प्रस्थान हाथी पर होगा। नौका पर आगमन कई फल देता है। विशेष रूप से देश के कई स्थानों पर भारी वर्षा होती है। खेती भी अच्छी होती है।

1. यदि आप किसी कारणवश उक्त मुहूर्त में घट स्थापना नहीं कर पाए तो इसके बाद एक और शुभ मुहूर्त में स्थापना कर सकते हैं। यह मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से 12:24 बजे तक है। इस बार नवरात्र में द्वितीया ​तिथि का क्षय हो रहा है, इसलिए 10 अक्टूबर को ही प्रथम और द्वितीय नवरात्र है। इस दिन मां शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा होगी।

2. संपूर्ण नवरात्र में देवी के विभिन्न स्वरूपों के पूजन का क्रम इस प्रकार होगा:
प्रतिपदा एवं द्वितीया – 10 अक्टूबर – मां शैलपुत्री एवं मां ब्रह्मचारिणी।
तृतीया – 11 अक्टूबर – देवी चंद्रघंटा।
चतुर्थी – 12 अक्टूबर – देवी कूष्मांडा।
पंचमी – 13 अक्टूबर – देवी स्कंदमाता।
पंचमी – 14 अक्टूबर – देवी स्कंदमाता।
षष्टी – 15 अक्टूबर – देवी कात्यायनी।
सप्तमी – 16 अक्टूबर – देवी कालरात्रि।
अष्टमी – 17 अक्टूबर – देवी महागौरी।
नवमी – 18 अक्टूबर – देवी सिद्धिदात्री।

3. विजया दशमी 19 अक्टूबर को है। संपूर्ण नवरात्र में नियम-संयम का पालन करते हुए शुद्ध भाव से पूजन करना चाहिए। उपवास के समय सात्विक आहार ही लेना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। क्रोध और कटु वचन से बचना चाहिए। सभी जीवों के प्रति दयाभाव रखना चाहिए। किसी को भी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए। जरूरतमंद की यथाशक्ति सहायता करनी चाहिए। शास्त्रों में जिन कार्यों को अनैतिक और अशुभ कहा गया है, उनसे सदैव बचना चाहिए। तभी मां अपने भक्त पर कृपा करेंगी और नवरात्र की तपस्या सफल होकर शुभ फल देगी।

ये भी पढ़िए:
– कीजिए मां लक्ष्मी की उस प्रतिमा के दर्शन जिसके चरणों की पूजा करने आते हैं सूर्यदेव
– हर रोज बढ़ रही है नंदी की यह मूर्ति, श्रद्धालु मानते हैं शिवजी का चमत्कार
– महिला हो या पुरुष, जो स्नान करते समय नहीं मानता ये 3 बातें, वह होता है पाप का भागी
– विवाह से पहले जरूर देखें कुंडली में ऐसा योग, वरना पड़ सकता है पछताना

LEAVE A REPLY