प्स्ख़्य्य्यद्म·र्ैं त्र्वद्भभारतीय धर्म दर्शन अनगिनत सदियों से सूर्य को जीवनदाता मानता आया है, किन्तु अब वैज्ञानिक भी सूर्य की विलक्षण रोग-निवारक शक्तियों का लोहा मानने लगे है। एक वैज्ञानिक ने अपनी पुस्तक ‘टेक्स्ट बुक ऑफ पब्लिक हेल्थ’’ में लिखा है कि सूर्य की किरणों में जीवाणुओं को नष्ट करने की अद्भुत शक्ति है।सूर्य किरणों में विटामिन डी पाया जाता है, जो मानव शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है। इसी तरह फ्रांस के हृदय रोग विशेषज्ञ मार्सेल पोगोलो का तो यहां तक मानना था कि सूर्य और मानव हृदय का अटूट संबंध है। उनके अनुसार सौर-मंडल में तूफानों के आने के पहले प़डने वाले दिल के दौरों की संख्या में तूफानों के आने के बाद चार गुना ज्यादा इजाफा हो जाता है।द्यह्ख्ह्र द्बष्ठ्र र्ड्डैंय्द्भख्रष्ठद्बैंख्रएक अमेरिकी डॉक्टर का मानना है कि शरीर में लौहतत्व की कमी, चर्म रोग, स्नायविक दुर्बलता, कमजोरी, थकान, कैंसर, तपेदिक और मांसपेशियों की रुग्णता का इलाज सूर्य किरणों के समुचित प्रयोग से किया जा सकता है। डॉ. चार्ल्स एफ हैनेन ने अपनी रिसर्च से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सूर्य किरणें बाहरी त्वचा पर ही अपना प्रभाव नहीं डालती, बल्कि वे शरीर के अंदरुनी अंगों में जाकर उन्हें स्वस्थ बनाने में कारगर भूमिका निभाती है।फ्रुद्वय्य्प्* पसीना आने के बाद धूप में नहीं बैठना चाहिए।* दोपहर बाद सूर्य किरणों में बैठने का उतना महत्व नहीं है।

LEAVE A REPLY