सोने के दौरान लगातार इस्तेमाल होने वाले मांसपेशियां और जो़ड रिकवर होते हैं। रक्तचाप कम होता है और हृदय गति कम होती है। उसी दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन का स्राव होता है। इस दौरान ही दिमाग रोजमर्रा की सूचनाओं को एकत्रित करने का काम करता है। तनाव, लंबे समय तक कार्य, जीवनशैली के कारण सोने की समस्याएं होती हैं। बिना पूरी नींद के दिमाग और शरीर सही तरीके से फंक्शन नहीं कर पाता। पर्याप्त नींद न लेने से कई तरह की बीमारियां होती हैं। स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद और आराम आवश्यक है।€द्भय् ृय्झ् ज्य्द्मत्रष्ठ ब्स्र?चौंकाने वाली बात है कि दिमाग सोने के दौरान ही उतना ही क्रियाशील होता है जितना काम करने के दौरान। सपने दिमाग का जानकारी एकत्रित करने का एक तरीका है।ृय्झ्·र्ैंह् ःद्भय्ख्रय् द्मर्‍्रख्र ृय्त्रर्‍ ब्स्?प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के अनुरूप नींद छह से दस घंटे के बीच होती है। नींद पूरी न होने की वजह से आपका शरीर सही तरीके से फंक्शन कर पाने में सक्षम नहीं होता। नींद पूरी होने से आप दिन भर रिफ्रेश और ऊर्जावान रहते हैं।झ्रूद्यर्‍ द्मर्‍्रख्र ध्ष्ठ्र क कॉफी, चाय, कोला, चॉकलेट का सेवन सीमा में करें। निकोटीन, एल्कोहल और कैफीन से आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती।क अपने दिमाग और शरीर को रिलैक्स होने का समय दें।क मेडिटेशन करें, किताब प़ढें, संगीत सुनें और एरोमाथेरेपी भी करें।

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