संतरे का जूस बुजुर्गों के लिए खासा फायदेमंद साबित होता है अगर वे रोजाना दो गिलास संतरे के जूस का सेवन करें तो इससे उनका दिमाग तरोताजा और चुस्त दुरूस्त बनता है। संतरे के जूस के लगातार सेवन से केवल दो महीने के अंदर ही बुर्जुगों की याद्दाश्त में काफी सुधार दिखाई देता है। हाल ही में हुए अध्ययन में यह खुलासा किया गया है। इस अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्लेवोनायॅड वह प्राकृतिक रसायन है जो संतरे में काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है और यह दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करता है, जो इंसान के सीखने की क्षमता और सूचना संग्रह से जु़डा है। इस हिस्से को प्रभावित कर फ्लेवोनॉयड बुर्जुगों की याद्दाश्त में गजब का सुधार करता है।रीडिंग यूनिवर्सिटी के एक दल द्वारा किए गए इस अध्ययन में ६० से ८१ वर्ष के ३७ लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें २४ महिलाएं और १३ पुरुष थे। इन लोगों को आठ सप्ताह तक रोजाना ५०० मिली संतरे का जूस पीने को दिया गया। अध्ययन की शुरुआत से पहले इन लोगों की याद्दाश्त, प्रतिक्रिया देने में और बातचीत में लगने वाले समय का आकलन किया गया साथ ही ऐसा ही आकलन अध्ययन पूरा होने के बाद भी किया गया। इससे पता चला कि केवल दो महीनों तक संतरे के जूस के सेवन के बाद लोगों की इन क्षमताओं में बहुत ज्यादा सुधार देखा गया।अध्ययन करने वाले दल के प्रमुख और रीडिंग यूनिर्वसिटी के मनोविज्ञान के प्रोफेसर ने कहा, दुनिया भर की जनसंख्या तेजी से बूढी हो रही है। अनुमानों के अनुसार, वर्ष २१०० तक ६० वर्ष के लोगों की संख्या बढकर तिगुनी हो जाएगी। ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम कुछ ऐसे सस्ते तरीके खोजें जिससे वृद्धाावस्था में भी दिमाग को तंदुरुस्त रखा जा सके और नया शोध ऐसा करने का ही एक उदाहरण है।अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि जरूरी नहीं कि जितनी मात्रा में रोजाना संतरे का जूस लेने की बात कही गई है उतनी पूरी मात्रा में यह रोज लिया जाए लेकिन इसकी कुछ मात्रा को लोगों को अपनी रोेजाना डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए जिससे बेहद सस्ते और आसान तरीके से दिमाग को तंदुरुस्त रखा जा सकता है।संतरे के अलावा कई अन्य फलों और सब्जियों के साथ ही चाय, कॉफी में भी फ्लेवोनॉयड पाया जाता है लेकिन संतरे मे पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड की खासियत यह है कि संतरे में इसका एक विशेष प्रकार फ्लेवानोंस पाया जाता है जो बेहद आसानी से शरीर के द्वारा अवशोषित हो जाता है। फलेवोनॉयड के लाभ इससे पहले हुए अध्ययनों में भी उजागर किए जाते रहे हैं लेकिन यह पहला मौका है जब संतरे में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड की खासियत को उजागर किया गया है।इस अध्ययन से हुआ खुलासा इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि संतरे का जूस दुनियाभर में सबसे ज्यादा पिया जाने वाले जूस है और जो फ्लेवानोंस का एक सबसे अच्छा स्रोत है। अपनी रोजाना की डाइट में थो़डा से सुधार कर और इसमें फ्लेवोनॉयड बहुल फलों और सब्जियों को शामिल कर बढती उम्र के साथ अपने दिमाग की तंदुरुस्ती का बेहद आसानी से और सस्ते में ख्याल रखा जा सकता है।

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