अनाज में सभी प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। फाइबर, मिनेरल्स, विटामिन्स, कैल्शियम और प्रोटीन पिसे हुए अनाज की तुलना में साबुत अनाज में ज्यादा पाए जाते हैं। साबुत अनाज खाने से महिलाओं के शरीर को ऊर्जा मिलती है। वजन घटाने और बढाने के लिए साबुत अनाज का प्रयोग किया जा सकता है। साबुत अनाज के रूप में ब्राउन चावल, गेहूं, जौ आदि का प्रयोग किया जा सकता है।झ्य्द्मर्‍महिलाओं को जितना हो सके उतना पानी पीना चाहिए। पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। मोटापा कम करने के लिए पानी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा पानी पीने से शरीर और त्वचा के कई रोग समाप्त होते हैं। शरीर पर खान-पान का असर तभी प़डेगा जब उसके लिए एक निश्चित अंतराल हो। खाने के बीच में कम-से-कम ६ घंटे का अंतराल होना चाहिए, जिससे खाना अच्छे से पच सके। डिनर जल्दी कर लेना चाहिए, क्योंकि रात में खाना देर से पचता है। र्ड्डैंध्महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए हर रोज एक फल जरूर खाना चाहिए। अगर फल नहीं खा सकते हैं तो एक गिलास जूस अवश्य पीना चाहिए। फलों में विटामिन, कैल्शियम और फाइबर की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है। फल खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और सामान्य बीमारियों के अलावा गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, कैंसर आदि के होने की संभावना कम होती है।फ्यŽज्द्भय्ैंमहिलाओं को अपनी आहार योजना में हरी और सीजनल सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इनमें कैलोरी की मात्रा कम होती है और यह शरीर को पोटैशियम, विटामिन और फाइबर प्रदान करते हैं। हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, पत्तागोभी, तोरी, करेला आदि खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में पोषण मिलता है।फ्ध्य्ख्रखाने के साथ या खाने से पहले सलाद खाना चाहिए। सलाद खाने के कारण महिलाएं ज्यादा खाने से बच सकती हैं जिससे मोटापा को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि सलाद में खीरे, ककडी, टमाटर जैसे विटामिन वाले खाद्य-पदार्थ भरपूर मात्रा में हैं या नहीं।ख्ररूथ् ृय्स्द्य ख्रब्र्‍दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों को डाइट प्लान में जरूर शामिल करना चाहिए। दूध, दही और पनीर भी स्वस्थ आहार हैं। डिनर के बाद मलाईरहित दूध पीने से शरीर को भरपूर पोषण मिलते हैं और आतिरिक्त वसा भी शरीर में नहीं जाती है जिससे मोटापे की संभावना नहीं होती है।

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