* हर समय सिर में दर्द होना।* ़जरा-़जरा सी बात पर रोना, चि़डचचि़डना या उदास रहना आदि।* किसी भी कार्य को ठीक से न करना।* स्मरण शक्ति में कमी आना, किसी भी बात को याद करने के लिए दिमाग पर जोर डालना।* ठीक से भोजन न करना और नींद न आना जैसी समस्या उत्पन्न होना।* स्वयं को नुकसान पहुंचाने और मारने का विचार बार-बार मन में आना।* पूरी तरह से निराशावादी दृष्टिकोण होना।* व्यवहार में ही परिवर्तन होना आदि लक्षण प्रमुख हैं।·र्ैंय्द्यह्लय्* ज्यादा सोचना, अकेला रहना, कम खाना और कम सोना आदि इस समस्या को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।* कोई मनचाहा कार्य न होना, प्रेम, विवाह, नौकरी आदि में असफलता मिलना भी डिप्रेशन की समस्या को उत्पन्न करता है।्यठ्ठणझ्ष्ठश्नप्रय्द्म फ्ष्ठ ब्ह्द्मष्ठ प्य्ध्र्‍ ब्य्यद्मद्भय्ैं* डिप्रेशन इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। * डिप्रेशन के कारण व्यक्ति आत्महत्या की कोशिश करता है जिसमें कभी-कभी वह कामयाब भी हो जाता है।* डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति शराब या धूम्रपान का सहारा लेता है जो स्थिति को और भी खराब बनाता है।* डिप्रेशन ब़ढने और सही उपचार न होने पर व्यक्ति कभी-कभी मानसिक संतुलन भी खो देता है।्यठ्ठणझ्श्नष्ठप्रय्द्म फ्ष्ठ द्धय्ब्द्य ्यद्म·र्ैंध्द्मष्ठ ·द्द र्झ्य्द्भ* डिप्रेशन से बाहर निकलने की कोशिश करें।* परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वह डिप्रेशन की समस्या से पीि़डत सदस्य के साथ बहुत संवेदनशीलता से पेश आयें वहीं उसके डिप्रेशन के कारणों को जानने का प्रयास करें और यथासंभव उसकी समस्या का समाधान कर उसे डिप्रेशन से बाहर निकालने में सहायता करें।* स्थिति गंभीर दिखे तो मनोचिकित्सक के पास जाकर परामर्श लें। डिप्रेशन का उपचार दवाइयों और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा किया जा सकता है। इसका उपचार स्वयं आप या परिवार का कोई सदस्य कर लेगा, इस भ्रम में कदापि न रहें। सही समय पर इसका उपचार न किया जाना व्यक्ति को पागल भी बना देता है।* नियमित रूप से वाक करना भी डिप्रेशन की समस्या को कम करने में सहायक होता है।* हॉट ऑयल की मसाज भी डिपे्रशन को कम करती है।* अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रख कर भी आप डिपे्रशन से बाहर आ सकते हैं।* अपनी समस्या और दु:ख के विपरीत दूसरों की समस्याओं और दु:खों को जानने और समझने का प्रयास करेंगे तो आपको निश्चित ही अपना दु:ख कम लगेगा।* अपनी खुशी के लिए समय अवश्य निकालें जो भी अच्छा लगे किया करें, ड्राइंग करें, म्यूजिक सुनें, दोस्तों से मिलें, मनपसंद डिश बनाएं, वगैरह-वगैरह। ऐसा करने से भी निश्चित ही आपको मानसिक शान्ति प्राप्त होगी।* ताजा फल और सब्जियों का भरपूर सेवन करें, इसमें उपलब्ध विटामिन व ऐंटी ऑक्सीडेंट आदि पोषक तत्व शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी हैं।

LEAVE A REPLY