अक्सर कुछ खाते समय, भोजन करते समय या सूखी वस्तु खाते समय गले में कुछ फंस गया लगता है। ऐसे में ब़डी बेचैनी सी होती है, सांस रुकती सी लगती है। ंफ् झ्श्न·र्ैंय्द्य द्भब् ·र्ैंद्यष्ठ्र* व्यक्ति के पीछे खे होकर उसकी कमर में अपनी दोनों बांहें डाल लें। उसके पेट पर (छाती से नीचे और नाभि से ऊपर) दोनों हाथ को एक-दूसरे में फंसाकर मुट्ठी बांध लें। तब एक झटके के साथ उसके पेट को ऊपर की तरफ दबाएं, इससे उसके फेफ़डों की हवा एकाएक बाहर निकलेगी और उसके गले में फंसी चीज भी गले से निकल जाएगी। यदि एक बार में चीज न निकले तो यही क्रिया बार-बार करें।द्भ्यख्र झ्रद्भ्यर्टैं प्ज्द्म द्बष्ठ्र द्नय्द्यर्‍ ब्ह् द्भय् द्धष्ठब्ह्प्रय् ब्ह् त्रह् द्भब् ·र्ैंद्यष्ठ्र* उसे जमीन पर लिटाएं, उसके ऊपर बैठकर सीने से नीचे और नाभि से ऊपर जोर से ऊपर की ओर दबाएं।* उसे पीठ के बल जमीन पर लिटा दें। उसके सिर को एक तरफ घुमा दें। उसके पांव पर बैठ जाएं और उसके पेट पर अपने हाथ का नीचे वाला हिस्सा रख दें। झटके के साथ जोर से ऊपर की ओर दबाएं।

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