लगातार कुर्सी पर बैठे रहना आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। काम के दबाव के चलते लोग कई-कई घंटे एक ही जगह और एक ही कुर्सी पर बैठकर काम करते रहते हैं, लेकिन ऐसा करना न सिर्फ उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, बल्कि साथ ही इससे उनकी जान पर भी बन सकती है। ताजा अध्ययन बताते हैं कि जो लोग ११ घंटे या उससे ज्यादा देर तक लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करते रहते हैं उनके अगले तीन वर्षों में मौत की संभावना बढ जाती है। भले ही हम कितना ही सक्रिय क्यों न रहते हों। यहां तक कि व्यायाम और योगा भी इसके दुष्प्रभाव को कम नहीं कर सकते। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में हुए शोध के अनुसार जो लोग तक आधे दिन तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं उनमें ४० प्रतिशत तक मौत का खतरा बढ जाता है। शोध में पाया गया कि लगातार बैठकर काम करने वालों लोगों में ३ वर्षों में मौत की संभावना दुगनी हो गई थी। लोगों की शारीरिक सक्रियता और वजन का इसके कोई संबंध नहीं है। ख्रष्ठद्य त्र·र्ैं द्धस्ट्ठद्मष्ठ फ्ष्ठ्यख्रध् ·र्ैंह् क्वत्रद्यय् लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने से बचना चाहिए। छोटी यात्रा के दौरान बैठने से अच्छा है कि ख़डे होकर यात्रा किया जाए, इससे वजन कम होता है। बैठकर काम करने से शारीरिक नि्क्रिरयता बढती है। बैठने से शरीर में रक्त-संचार सही तरीके से से नहीं होता जिससे दिल का दौरा प़डने का ज्यादा संभावना ब़ढती है।·र्रुैंफ्र्‍श्च झ्द्य €द्भह्र द्धस्ट्ठत्रष्ठ ब्स्र ध्ह्ख्ऑफिस का काम ज्यादा होने से कामकाजी लोगों को ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठना होता है। काम का प्रेशर होने के कारण लोग अपना काम पूरा करना चाहते हैं जिसके कारण कुर्सी पर बैठना प़डता है। कंप्यूटर पर गेम खेलने और टीबी देखने के कारण भी लोग कई घंटों तक कुर्सी पर बैठते हैं। दिन में लंबी यात्रा के दौरान या लंबी हवाई यात्रा बैठकर ही करते हैं। खाली लोग जो सोने से ऊब जाते हैं वे अपना समय घर में बैठकर या पार्कों में बैठकर बिताते हैं। लगातार कई घंटे तक कुर्सी पर बैठने से बचिए। अगर काम ज्यादा है तो भी थो़डे-थो़डे वक्त के बाद ब्रेक लेते रहिए। ऑफिस में काम के दौरान बीच-बीच में टहलते रहना चाहिए। ऑफिस में अपने केबिन में चाय या काफी मंगाने के बजाय कैफीटीरिया में खुद जाकर कॉफी लीजिए। शाम को मॉर्केट जाते समय भी कार या बाइक की बजाए पैदल जाना ही बेहतर रहेगा। अगर आप दिन में लंबी यात्रा कर रहे हैं तो अपनी सीट पर बैठने के बजाय लेटकर यात्रा कीजिए। लंबी यात्रा के दौरान अपनी सीट से उठकर बीच-बीच में टहलते रहिए। ज्यादा देर तक बैठने से शरीर की कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। लगातार कुर्सी पर कई घंटे तक बैठने से बैक पेन की समस्या शुरू हो सकती है। आपको कुर्सी पर बैठने के दौरान अगर कोई समस्या हो तो अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लीजिए।ृय्स्र्यर्ड्डैंफ् द्बष्ठ्र ध्र्‍्यज्ॅफ्ष्ठब्त्र ·र्ैंर्‍ द्वय्झ्·र्ैंर्‍ ऑफिस में काम के दौरान झपकी लेना, भले ही आप इसे काम के प्रति लापरवाही से जो़डकर देखें, लेकिन जनाब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, इससे आपकी कार्यक्षमता पर सकारात्मक असर प़डता है। जानकार कहते हैं कि कुछ देर की झपकी लंबे समय तक काम करने के कारण होने वाली शारीरिक और मानसिक थकान को दूर करती है। इसका व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की शक्ति और कार्यक्षमता पर काफी अच्छा प्रभाव प़डता है।त्रद्मय्प् फ्ष्ठ द्यक्वत्रर्‍ ब्स् ख्ररूद्यकाम के लगातार दबाव के चलते तनाव और परेशानी आम हो चली है। इसके चलते मस्तिष्क अक्सर थका-थका रहता है। अपनी शक्ति और ऊर्जा वापस पाने के लिए इसे आराम की दरकार होती है। पावर नैप अपने मस्तिष्क को तनाव से दूर रखने का एक बि़ढया तरीका है। जब कभी भी आप तनाव में या थके हुए महसूस करें तो बस अपने टेबल पर सिर टिकाइए और जरा सी देर के लिए एक झपकी लें। इसके बाद आप ऊर्जावान, एकाग्र, रिलेक्स और सजग महसूस करेंगे।ृय्झ्·र्ैंह् द्यक्वत्रर्‍ ब्स् फ्ज्ख्बीती रात आपकी नींद पूरी नहीं हुई। तो जाहिर तौर पर ऑफिस में आपके काम पर इसका असर नजर आएगा। अपने काम के बीच में जरा सी झपकी आपको सावधान और सजग रखने में मदद करेगी। साथ ही यह आपके एनर्जी लेवल को बनाए रखने में भी मदद करती है और साथ ही आपको रखती है रिफ्रेश। थके हुए दिमाग की स्मरण शक्ति भी कमजोर रहती है। दिमाग आसानी से कुछ भी नहीं सीख पाता। पावर नैप मस्तिष्क की कोशिकाओं और मांसपेशियों को आराम पहुंचाती है। थका हुआ दिमाग विषाक्त पदार्थ का निर्माण करने लगता है, जिससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव प़डता है। इससे आप थके-थके और सुस्त रहने लगते हैं। थो़डी देर की एक झपकी मस्तिष्क की मांसपेशियों को राहत पहुंचाती है और आपको रखती है टेंशन फ्री। इसके साथ ही यह मस्तिष्क को विषाक्त पदार्थ बनाने से भी रोकती है।्यख्रध् ·र्ष्ठैं ्यध्ॅ ब्स् द्धष्ठब्त्रद्यएक थके हुए मन और शरीर का नकारात्मक प्रभाव आपके दिल पर भी प़डता है। एक झपकी हृदय पर प़डने वाले अतिरिक्त दबाव को दूर करती है। यह दिल की ध़डकन को भी नियंत्रित करती है और साथ ही रक्तचाप भी सामान्य रखती है। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की शिकायत होती है उन्हें हमेशा नैप लेने की सलाह दी जाती है। इससे उनका रक्तचाप सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है। इस झपकी से दिल अधिक आराम से अपना काम करता है। द्बरूठ्ठ द्यब्त्रय् ब्स् ड्डश्नर्ष्ठैंप्रय्कुछ देर की झपकी आपके मूड को भी ताजा बनाए रखती है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर मददगार है जो अधिक दबाव में काम करते हैं। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले, विद्यार्थी और मीडियाकर्मियों के लिए खासतौर पर मददगार होता है। आमतौर पर इन लोगों में नींद को लेकर समस्याएं पायी जाती हैं, ऐसे में पावर नैप इनके मन और शरीर को शांत रखने में मदद करती है।

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