कच्चा केला दिखने में जितना अच्छा होता है, उतना ही खाने में भी। ज्यादातर इसका इस्तेमाल सब्जी और स्नैक्स के लिए किया जाता है। केला कच्चा हो या पका, सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद बहुत सारे विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, ब्लड शुगर कंट्रोल करने के साथ ही कोलेस्ट्रॉल और वजन कम करने में भी मददगार होते हैं।डट्टय्घ्श्च ·र्ैंय् ृमच्णय् वह्त्ररेजिस्टेंट स्टार्च एक अलग प्रकार का स्टार्च होता है जो शरीर के लिए एक जरूरी तत्व है। यह शरीर की कई प्रकार की आंतरिक क्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न करने में अहम भूमिका निभाता है। कच्चे केले में इसकी काफी मात्रा पाई जाती है। शोध में भी ये बात सामने आई है कि भोजन में उचित मात्रा में रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा डाइबिटीज, अपच, गैस और दिल की बीमारियों के साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित करती है। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके साथ ही यह फूड को जरूरी एनर्जी में बदलता है, जो वजन कम करने में भी कारगर होता है।्यप्ट्टय्यद्बद्म-फ्र्‍ ·र्ैंर्‍ र्यघ्त्र द्बय्ख़य्य्कच्चे केले का भोजन में उपयोग कर शरीर के लिए जरूरी विटामिन-सी की कमी को पूरा किया जा सकता है। शरीर को स्वस्थ रखने में विटामिन-सी बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। विटामिन सी एंटी-ऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है जो स्किन इन्फेक्शन से बचाने के साथ ही कई बीमारियों से भी ल़डने में सहायक होता है। इसकी कमी से स्कर्वी, एनीमिया, मसू़डों की समस्या और हार्ट से संबंधित कई बीमारियों का खतरा बना रहता है।र्ड्डैंय्ंद्धद्य ·र्ैंर्‍ ृमच्णर्‍ द्बय्ख़य्य्कच्चे केले में फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है। एक कप उबले कच्चे केले में ३.६ ग्राम फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मददगार है। इसके साथ ही ये डायबिटीज और दिल की बीमारियों की संभावनाओं को भी कम करता है। खाने में इसे शामिल करके जल्दी और आसानी से वजन कम किया जा सकता है। शरीर को लगभग रोजाना १४ प्रतिशत फाइबर मिले तो पेट से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं दूर रहती हैं। केला खाने से पर्याप्त मात्रा में फाइबर की पूर्ति हो जाती है।झ्ह्ट्टष्ठ्यप्रय्द्भद्ब ·र्ैंय् क्वज्य्द्मय्सभी हरी सब्जियां पोटेशियम का खजाना होती हैं। कच्चा केला भी उनमें से ही एक है। ज्यादातर लोग अपनी डेली डाइट में पोटेशियम की उतनी मात्रा नहीं ले पाते, जितनी शरीर को ़जरूरत होती है। दिन भर इसकी कमी को कुछ न कुछ खाकर भी पूरा कर पाना असंभव-सा ही है। इसके लिए जरूरी है पोटेशियम की भरपूर मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन। केला खाकर इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है। इसकी पर्याप्त मात्रा शरीर में फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट के बैलेंस को सही रखती है। साथ ही मसल्स, नर्वस सिस्टम भी इससे सही ढंग से काम करते हैं।्यप्ट्टय्यद्बद्म-द्धर्‍ि ·र्ैंय् वह्त्रविटामिन-बी६ की सबसे ज्यादा मात्रा कच्चे केले में पाई जाती है। ये पानी में आसानी से घुल जाने वाला विटामिन है जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और मेटाबॉलिज्म के लिए जिम्मेदार केमिकल्स के बनने के लिए बहुत ही जरूरी होता है। मोटापे को कंट्रोल करने में भी कच्चा केला बहुत ही फायदेमंद होता है। विटामिन-बी६ हीमोग्लोबिन के बनने में भी सहायक होता है, जिससे सेल्स टिश्यूज और बाकी अंगों को जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन की पूर्ति हो जाती है।

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