कुछ महिलाएं रोगों से बचने की चाह में अपनी रसोई की सफाई तो जरूर रखती हैं किंतु वे बर्तनों की उचित सफाई नहीं कर पातीं। इस ओर ध्यान न देने का मतलब है बीमारियों को बुलाना।* गृहिणी बर्तनों को साफ पानी के साथ अच्छी तरह से धोया करें। बर्तनों में राख या क्लीनिंग पाउडर या बर्तन धोने वाले साबुन का अंश भी नहीं रहना चाहिए।* मक्खी-मच्छर से बचाने के लिए सभी भोज्य पदार्थों को ढंककर रखना चाहिए। याद रहे कि साफ-सफाई रसोई तथा साफ-सुथरे बर्तन हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।* आप को इस बात की ओर भी ध्यान देना है कि मीठी चीजों तक चींटियां न पहुंचें तथा वे इनमें अपनी गंदगी तथा अण्डे न छो़डें।* यह सब मानने लगे हैं कि साफ-सुथरी रसोई, बर्तन, प्रयोग में लाने वाले कप़डे, सब के सब हमारे स्वास्थ्य के मित्र हैं। रोगों को परिवार से दूर रखने में सहयोगी।* भोजन तैयार करने तथा पीने के लिए पानी बहुत साफ तथा ढंक कर रखा हो। अन्यथा यह भी रोगों का कारण बन सकता है।* स्वस्थ रहना है तो बाजार में पिसे, तैयार किए मसालों से भी परहेज करें। इनमें भांति-भांति की मिलावट हमें बीमार कर देती है। अच्छा होगा जो साबुत मसालों को कूटकर (पीस) छान लें।* बाजार में उपलब्ध पिसे मसालों में खतरनाक रसायन मिले होते हैं जो स्वास्थ्य के शत्रु होते हैं।* यदि महिलाएं अपने वस्त्रों के साथ-साथ रसोई, बर्तन तथा प्रयोग में आने वाले छोटे कप़डे पूरी तरह साफ रखें तो वे बहुत से रोगों को परिवारजनों से दूर रखने में भी सफल होंगी। ऐसे में दवाइयों के खर्चे से तो बचेंगे ही घर में भी प्रसन्नता व आनंद विद्यमान रहेगा।

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