नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने एक वीडियो जारी करके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर की सिख दंगा मामले में तुरंत गिरफ्तारी और इस मसले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित एक वीडियो जारी किया जिसमें टाइटलर वर्ष १९८४ के सिख विरोधी दंगों के संबंध में कथित तौर पर १०० सिखों की हत्या की बात करते नजर आ रहे हैं। जीके दावा किया कि कोई व्यक्ति तीन फरवरी को सुरक्षाकर्मी को एक पेनड्राइव उनके घर पर बंद लिफाफे में दे गया था जिसमें टाइटलर को बातें करते दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि पेनड्राइव में टाइटलर के किसी स्टिंग ऑपरेशन की पांच वीडियो थी जिसमें कथित रूप से सिखों की हत्या से लेकर उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति का जिक्र है। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा कि सिख समुदाय इसे देखने के बाद बहुत आहत है और जो लोग वर्ष १९८४ के सिख नरसंहार के आरोपी हैं, वे खुले आम घूम रहे हैं। जीके ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और कई अन्य जांच एजेंसियों को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। संवाददाता सम्मेलन में वीडियो की पांच क्लिप दिखाई गई जिनमें से एक में टाइटलर कथित रुप से १०० सिखों की हत्या की बात कर रहे हैं। इसके अलावा अपने तीन-चार मित्रों द्वारा १५० करो़ड रुपए की नगद राशि वापस नहीं करने, कांग्रेस हाई कमान से बातचीत के आधार पर दिल्ली का मुख्यमंत्री अथवा कुछ समय बाद राज्यसभा भेजे जाने की बात करते दिखाई दे रहे हैं। जीके कहा कि यह वीडियो देखने के बाद टाइटलर के कथित तौर पर पेशेवर अपराधी होने का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब बिना किसी देरी के टाइटलर को गिरफ्तार कर उनका नार्को टेस्ट करवाना चाहिए चूंकि वह झूठ पक़डने वाली मशीन से परीक्षण कराने में आनाकानी कर रहे हैं।

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