संजय जोशीतिरुपति। सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव ने कहा कि शिवलिंग में भगवान शंकर का आत्मचैतन्य रुप छिपा रहता है। शिव परिवार की कल्पना शिवलिंग में रखते हुए अर्चना करने से भक्तों को भोम व मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। मंगलवार रात्रि यहां सिद्धेश्वर तीर्थ ब्रह्मर्षि आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचनों में श्री ब्रह्मर्षि ने कहा कि भगवान शंकर की अर्चना के दो भेद हैं। मूर्तरुप से भगवान शंकर की अर्चना मूर्ति पूजा के द्वारा की जाती है, जबकि अमूर्त रुप से शंकर की पूजा शिवलिंग पर की जाती है। शिवरात्रि पर्व की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए गुरुदेव ने कहा कि अलग-अलग कामना के लिए अलग-अलग द्रव्यों से अभिषेक पूजा का प्रयोग विशेष फलदायी होता है। उन्होंने कहा कि अन्तः और बाह्य शक्ति हमारी ऊर्जा को ऊंचा उठाती है। जीवन को जागृत करने की सीख देते हुए संतश्री ने कहा कि जीवन को आदर्श अथवा उदाहरण बनाना भी जरुरी है, क्योंकि एक धर्मालु व्यक्ति के जीवन को देखकर उसके धर्म की पहचान होती है। इस अवसर पर ब़डी संख्या में देश और दुनिया के अनेक शहरों से आए गुरुभक्तों को ब्रह्मर्षि ने कहा कि एक श्रद्धालु में अच्छे भाव, भक्ति और प्रेम है तो उसे प्राप्त करने का सामर्थ्य भी रखना होगा। आश्रम के आचार्यश्री पंडित श्रीनिवास श्रीमाली ने माता हॉल में द्वादश ज्योतिर्लिंग की समूह वाइज सैक़़डों भक्तों को पूजा करवाई। चार प्रहर की तीन-तीन घंटे के अभिषेक पूजन के दौरान ‘शिव ही गुरु है गुरु ही शिव है.., जय जय शंकर हर शिव शंकर..व ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय..’’ सरीखे भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी। आश्रम के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी प्रकाश सेठिया ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, हरियाणा के न्यायाधीश नवाब सिंह, जयपुर के न्यायाधीश राजेन्द्र चौधरी, ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन डॉ.एमएस बिट्टा, हरियाणा के पूर्व मंत्री फूलचंद मूलाणा व अनंतपुर रेंज के डीआईजी प्रभाकर राव (आईपीएस) सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत की। सुबह के सत्र में पंडित श्रीमाली के आचार्यत्व में कालसर्प दोष निवारण एवं राहुकेतु शांति पूजन में २५१ यजमानों ने भाग लिया। सेठिया के मुताबिक इस पूजन में आश्रम से जु़डे अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों में स्टीव गुप्ता, संजय गोयल (टोरेंटो), इब्राहिम नासी, अशोक संचेती (यूएसए), लक्ष्मी झुनझुनवाला (न्यूजीलेण्ड), अरविंद मोदी (जापान) व आश्रम के युवा अध्यक्ष प्रखर गुलेच्छा (बेंगलूरु) सहित अनेक गुरुभक्त शामिल हुए। उधर ध्यानमंदिर में प्रतिष्ठित श्री ब्रह्मेश्वर महादेव का जलाभिषेक पूजन करने वालों का सुबह से दिनभर तांता लगा रहा। इस अवसर पर श्री गुरुदेव ने आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम मोदी को उनकी सेवाभावी विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘आश्रम धर्मरत्न अवार्ड’’ से सम्मानित किया। आयोजन के कोर्डिनेटर के रुप में सरला बोथरा, बिन्नू तंवर, सुनील आहूजा, शांतिलाल मेहता, राजेश चोरि़डया, गोपाल अग्रवाल, आशीष मेहता सहित अनेक ने सहयोग किया। महाशिवरात्रि महोत्सव के अध्यक्ष गोपालसिंह राजपुरोहित का सत्कार करते हुए गुरुदेव ने अगले वर्ष की महाशिवरात्रि पर्व का फिर से इन्हें चेयरमैन घोषित किया व बेंगलूरु के हापूराम माली की टीम को जिम्मेवारी प्रदान की गई। गोपालसिंह राजपुरोहित ने सभी का आभार ज्ञापित किया।

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