बेंगलूरु/दक्षिण भारतदिगम्बर संत पुष्पगिरि तीर्थ प्रणेता आचार्यश्री पुष्पदंतसागरजी के द्वितीय शिष्य श्री प्रज्ञासागरजी मंगलवार को कृष्णगिरि स्थित पार्श्व पद्मावती धाम पहुंचे जहां मुनिश्री सेे पीठाधिपति डॉ वसंतविजयजी म.सा. ने मुलाकात की तथा वसंतविजयजी ने मुनिश्री को अपनी श्रेष्ठ कृति ‘भारत का भविष्य’’ पुस्तक उपहार स्वरुप भेंट की। दोनों संतों में अनेक धार्मिक व सम-सामायिक मुद्दों पर चर्चा हुए। दिगम्बर व श्वेताम्बर पंथ के दो संतों का मिलन जैन एकता का उदाहरण बना। मुनिश्री प्रज्ञासागरजी ने कृष्णगिरि तीर्थ के दर्शन किए तथा कांच मंदिर का अवलोकन किया। कृष्णगिरि में विश्व के सबसे ब़डे मंदिर का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। मुनिश्री यहां से अरिहंतगिरि तीर्थ की ओर विहार करेंगे तथा उसके बाद वे वेल्लूर स्वर्ण मंदिर का भी दर्शन करेंगे।

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